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VOTS इंस्टीट्यूट बागेश्वर और Indixpert Technologies Pvt. Ltd. (हैदराबाद) के संयुक्त तत्वावधान में जॉब ऑफर समारोह का हुआ बागेश्वर में सफल आयोजन

संवाददाता: सीमा खेतवाल

बागेश्वर, उत्तराखंड। बागेश्वर के युवाओं के लिए तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला, जब VOTS इंस्टीट्यूट बागेश्वर द्वारा Indixpert Technologies Pvt. Ltd. (हैदराबाद) के सहयोग से एक भव्य जॉब ऑफर समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर Indixpert कंपनी ने फुल स्टैक वेब डेवलपमेंट कोर्स को सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले 5 प्रतिभाशाली छात्रों को जॉब ऑफर लेटर प्रदान किए। यह 12 माह का कोर्स Indixpert द्वारा ऑनलाइन लाइव कक्षाओं के माध्यम से संचालित किया गया था।

जिन छात्रों को नौकरी के लिए चयनित किया गया, उनमें निशा कलाकोटी (पुत्री श्री भोपाल सिंह कलाकोटी, गांव डोफर), तनुजा गरिया (पुत्री श्री लाल सिंह गरिया, गांव सीमा), विमल सिंह शाही (पुत्र श्री कृष्ण सिंह शाही, गांव ऐसों), कुमकुम कपकोटी (पुत्री श्री डारफन सिंह कपकोटी, गांव ग्यारखेत) और राहुल सिंह कलाकोटी (पुत्र श्रीमती मीना कलाकोटी, गांव डोफर) शामिल हैं। इन सभी युवाओं ने न सिर्फ अपने कठिन परिश्रम से यह उपलब्धि प्राप्त की, बल्कि यह भी सिद्ध किया कि अगर अवसर और सही मार्गदर्शन मिले, तो ग्रामीण परिवेश से निकले विद्यार्थी भी तकनीकी दुनिया में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा सकते हैं।

इस समारोह में आनंदी स्कूल बागेश्वर के प्राचार्य मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। साथ ही Indixpert के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक श्री करीमुल्लाह, सह-संस्थापक श्री कैलाश सिंह, VOTS के निदेशक श्री पवन मेहता और रणनीतिक साझेदार श्रीमती मोनिका मेहता ने कार्यक्रम का संचालन एवं समापन किया। कार्यक्रम के दौरान चयनित छात्रों ने अपने संघर्षों, अनुभवों और कोर्स के दौरान मिली सीख को साझा किया, जो उपस्थित अन्य छात्रों के लिए प्रेरणास्रोत बने।

इस पहल से उत्तराखंड को अनेक स्तरों पर लाभ मिलेगा। एक ओर यह कार्यक्रम रोजगार सृजन में सहायक होगा, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों के युवाओं को सीधे तकनीकी क्षेत्र में अवसर प्राप्त होंगे, वहीं दूसरी ओर यह कौशल विकास को भी प्रोत्साहित करेगा। ग्रामीण विद्यार्थियों को इंडस्ट्री के अनुरूप कोडिंग और तकनीकी शिक्षा प्राप्त होने से उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा। इसके अतिरिक्त, यह पहल डिजिटल सशक्तिकरण को भी बल देती है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों को डिजिटल इंडिया से जोड़ा जा सकेगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस प्रकार के अवसरों से रिवर्स माइग्रेशन को बढ़ावा मिलेगा, यानी युवा अपने गांव-घर में रहकर भी करियर बना सकेंगे।

Indixpert और VOTS का यह प्रयास निस्संदेह उत्तराखंड को कुशल, डिजिटल और आत्मनिर्भर राज्य बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। यह मॉडल ग्रामीण भारत में तकनीकी क्रांति लाने में मील का पत्थर साबित हो सकता है।


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