नशा नहीं, रोजगार दो आंदोलन की 42वीं वर्षगांठ पर लेखन कार्यशाला, बच्चों में रचनात्मक चेतना का संचार
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नशा नहीं, रोजगार दो आंदोलन की 42वीं वर्षगांठ पर लेखन कार्यशाला, बच्चों में रचनात्मक चेतना का संचार

चौखुटिया। नशा नहीं, रोजगार दो जन आंदोलन की 42वीं वर्षगांठ के अवसर पर नव प्रभात पब्लिक स्कूल, बसभीड़ा में बच्चों के लिए एक दिवसीय लेखन कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला बाल प्रहरी पत्रिका एवं ज्ञानविज्ञान समिति के संयुक्त तत्वावधान में तथा स्वर्गीय नरोत्तम तिवारी की स्मृति में आयोजित की गई।

कार्यशाला का शुभारंभ चौखुटिया क्षेत्र के जाने-माने चिकित्सक एवं सामाजिक, पर्यावरणीय और सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय डॉ. कुलदीप बिष्ट ने किया। उन्होंने कहा कि नशा नहीं, रोजगार दो आंदोलन ने समाज को वैचारिक दिशा देने का कार्य किया है और वर्तमान समय में इसकी प्रासंगिकता और भी बढ़ गई है।
उन्होंने स्वर्गीय नरोत्तम तिवारी के सामाजिक योगदान, उनके विचारों और परिवार द्वारा किए जा रहे जनकल्याणकारी कार्यों की सराहना की।

डॉ. बिष्ट ने कहा कि बाल प्रहरी के संपादक जैसे कर्मठ और रचनाशील व्यक्तित्व द्वारा आयोजित यह लेखन कार्यशाला बच्चों के बौद्धिक और रचनात्मक विकास के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी और इससे क्षेत्र के बच्चों में नई सोच और चेतना का विकास होगा।

कार्यशाला के दौरान बच्चों को बाल कवि सम्मेलन, पत्रिका निर्माण, रचनात्मक खेलों एवं गतिविधियों के माध्यम से लेखन की बारीकियों से परिचित कराया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
नाम लेखन, शब्द लेखन, मेरा परिचय तथा कविता लेखन जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पत्रिकाएं उपहार स्वरूप प्रदान की गईं।

इस अवसर पर उदय किरोला ने बच्चों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए कार्यशाला के उद्देश्यों और विभिन्न गतिविधियों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस प्रकार की लेखन कार्यशालाएं उनके द्वारा देश के विभिन्न हिस्सों में निरंतर आयोजित की जा रही हैं।

लेखन कार्यशाला का समापन 1 फरवरी को होगा। वहीं नशा नहीं, रोजगार दो आंदोलन की 42वीं वर्षगांठ के अवसर पर बसभीड़ा और चौखुटिया क्षेत्र में नशा मुक्ति एवं रोजगार के मुद्दे को लेकर विभिन्न जन-जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

 


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