सोशल मीडिया की दीवानगी: रेलवे ट्रैक पर हेडफोन लगाए युवक, इमरजेंसी ब्रेक से बची जान
हल्द्वानी। सोशल मीडिया रील देखने का जुनून शुक्रवार सुबह एक युवक की जान पर भारी पड़ते-पड़ते रह गया। रेलवे ट्रैक पर हेडफोन लगाए मोबाइल में रील देखते हुए युवक बेखौफ होकर पटरियों के बीचों-बीच चल रहा था। इसी दौरान देहरादून-काठगोदाम एक्सप्रेस के लोको पायलट को ट्रेन को इमरजेंसी में रोकना पड़ा। यदि चालक समय रहते ट्रेन नहीं रोकता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
घटना सुबह करीब 7:15 बजे काठगोदाम स्टेशन से पहले शीशमहल क्षेत्र के पास की है। देहरादून-काठगोदाम एक्सप्रेस (14120) हल्द्वानी से अपने अंतिम स्टेशन काठगोदाम की ओर बढ़ रही थी। तभी लोको पायलट की नजर रेलवे ट्रैक के बीच चलते युवक पर पड़ी। युवक कानों में हेडफोन लगाए मोबाइल में रील देखने में इस कदर मग्न था कि उसे न तो ट्रेन की आवाज सुनाई दी और न ही खतरे का अहसास हुआ।
लोको पायलट ने लगातार प्रेशर हार्न बजाया, लेकिन युवक ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। हालात को गंभीर देखते हुए पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाया। ट्रेन युवक से महज कुछ कदम की दूरी पर जाकर रुकी। अचानक ट्रेन रुकने से यात्रियों में हड़कंप मच गया, वहीं मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। ट्रेन करीब तीन से चार मिनट तक ट्रैक पर खड़ी रही।
बताया जा रहा है कि ट्रेन रुकते ही लोको पायलट नीचे उतरा और युवक को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन युवक मौके से फरार हो गया। बाद में रेलवे की ओर से अज्ञात युवक के खिलाफ रेलवे एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
आरपीएफ काठगोदाम चौकी प्रभारी तरुण वर्मा ने बताया कि लोको पायलट की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया गया है। घटना के बाद युवक की आसपास तलाश की गई, लेकिन वह नहीं मिला।
रेलवे प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि रेलवे ट्रैक पर चलना न केवल गैरकानूनी है, बल्कि जानलेवा भी हो सकता है। सोशल मीडिया के चक्कर में की गई एक लापरवाही किसी भी समय बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
