
देवभूमि जन हुंकार, नैनीताल: नैनीताल जनपद में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ रखने, समाज में शांति व्यवस्था कायम करने तथा आदतन अपराधियों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने कड़ा विधिक कदम उठाया है। जिला मजिस्ट्रेट नैनीताल ललित मोहन रयाल की न्यायालय में गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत हुई विधिवत सुनवाई में आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त दो कुख्यात आरोपियों को जिला बदर करने के आदेश पारित किए गए हैं। वहीं, दो अन्य मामलों में परिस्थितियों के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध जारी नोटिस को निरस्त कर दिया गया है।
जिला बदर किए गए दोनों आरोपियों का विवरण
जिला मजिस्ट्रेट की अदालत द्वारा आपराधिक इतिहास और जनसुरक्षा के दृष्टिगत निम्नलिखित दो आरोपियों को नैनीताल जनपद की सीमाओं से निष्कासित (जिला बदर) किया गया है:
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पलविंदर सिंह उर्फ रवि उर्फ हैप्पी पुत्र दिलबाग सिंह, निवासी हिम्मतपुर ब्लॉक, थाना रामपुर।
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आपराधिक इतिहास: इसके विरुद्ध शस्त्र अधिनियम (Arms Act), स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम (NDPS Act) तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 307/120B BNS (हत्या का प्रयास व षड्यंत्र) सहित कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
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प्रमोद सागर उर्फ पप्पू उर्फ पीके पुत्र पूरनचंद सागर, निवासी नाथूपुर पाडली, थाना मुखानी (हल्द्वानी)।
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आपराधिक इतिहास: इसके विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट एवं भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं में मादक पदार्थों की तस्करी और आपराधिक कृत्यों के कई मुकदमे पंजीकृत हैं।
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न्यायालय ने दोनों आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड और निरंतर समाज विरोधी गतिविधियों को देखते हुए गुंडा नियंत्रण अधिनियम के सुसंगत प्रावधानों के तहत उन्हें निर्धारित अवधि के लिए जिला बदर करने के आदेश दिए हैं।
दो अन्य मामलों में नोटिस निरस्त करने का विधिक आधार
न्यायालय ने दो अन्य मामलों में परिस्थितियों और तथ्यों का परीक्षण करने के उपरांत पूर्व में जारी नोटिस को निरस्त कर दिया:
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नवीन सिंह पुत्र चंदन सिंह, निवासी थाना मुक्तेश्वर क्षेत्र।
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कारण: नवीन सिंह को किसी अन्य आपराधिक प्रकरण में पूर्व में ही सक्षम स्तर से जिला बदर किया जा चुका है। वर्तमान मामले में पुनः समानांतर कार्रवाई का कोई विधिक औचित्य नहीं पाए जाने पर उसके विरुद्ध जारी नोटिस को निरस्त कर दिया गया।
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अमन सिद्दीकी पुत्र आफताब सिद्दीकी, निवासी गफूर बस्ती, थाना बनभूलपुरा (हल्द्वानी)।
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कारण: अमन सिद्दीकी गैंगस्टर एक्ट (Gangster Act) के तहत पहले से ही न्यायिक अभिरक्षा में जेल में निरुद्ध है। उसकी वर्तमान न्यायिक स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए न्यायालय द्वारा उसके विरुद्ध जारी नोटिस भी निरस्त कर दिया गया।
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जिला मजिस्ट्रेट ललित मोहन रयाल ने स्पष्ट किया है कि जनपद में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी आपराधिक तत्व को बख्शा नहीं जाएगा और जनसुरक्षा के लिए ऐसे कड़े प्रशासनिक फैसले निरंतर जारी रहेंगे।




