मालधन अस्पताल की बदहाल स्थिति को लेकर महिला एकता मंच का जनसंपर्क अभियान शुरू, 18 अगस्त को मालधन बंद का आह्वान
“नशा नहीं, इलाज दो” अभियान के तहत जनजागरण तेज
मालधनचौड़ | मालधन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की नियुक्ति और स्वास्थ्य सुविधाओं की बहाली की मांग को लेकर महिला एकता मंच ने मोर्चा खोल दिया है। मंच द्वारा आगामी 18 अगस्त को प्रस्तावित मालधन बंद को सफल बनाने के लिए क्षेत्र में जगह-जगह जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है।
इसी कड़ी में मालधनचौड़ नंबर 2 में एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। बैठक के माध्यम से महिलाओं ने जनता से “नशा नहीं, इलाज दो” अभियान में सहयोग देने और बंद को समर्थन देने की अपील की।
बैठक को संबोधित करते हुए भगवती ने कहा कि, “डॉ. प्रशांत कौशिक (फिजिशियन) और डॉ. अर्चना कौशिक (प्रसूति रोग विशेषज्ञ) के पिथौरागढ़ ट्रांसफर के बाद अस्पताल की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। अब लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं तक नहीं मिल पा रही हैं।”
विनीता टम्टा ने कहा कि मानकों के अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सर्जन, बाल रोग विशेषज्ञ, निश्चेतक, रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति होनी चाहिए। इसके साथ ही पैथोलॉजी, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, इमरजेंसी और प्रसव जैसी मूलभूत सुविधाएं भी पूरी तरह से अनुपलब्ध हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता को स्वास्थ्य सुविधाएं देने के बजाय नशे को बढ़ावा दे रही है।
रेखा वर्मा ने जनता से अपील की कि 18 अगस्त को मालधन क्षेत्र के बाजार, शिक्षण संस्थान और बैंक बंद रखकर इस आंदोलन को समर्थन दें, ताकि सरकार तक जनता की आवाज पहुंचे।
बैठक में भगवती, ममता आर्य, सरस्वती जोशी, गीता, पुष्पा आर्य, विनीता टम्टा, रेखा वर्मा समेत बड़ी संख्या में क्षेत्र की महिलाएं इस बैठक में मौजूद रहीं।
महिला एकता मंच की ओर से सरस्वती जोशी ने प्रेस नोट जारी करते हुए बताया कि यह आंदोलन पूरी तरह से जनहित में और शांतिपूर्ण तरीके से किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य मालधन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं दिलाना है।
