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Fri. Oct 9th, 2026
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गंगा संरक्षण समिति की बैठक में स्वच्छता और प्राकृतिक खेती पर जोर

संवाददाता – सीमा खेतवाल

बागेश्वर। जिलाधिकारी आशीष भटगांई की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला गंगा संरक्षण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद की नदियों के संरक्षण, पुनरुद्धार और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े विभिन्न विभागों की कार्यप्रगति की समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने सभी अधिशासी अधिकारियों को नगर निकाय क्षेत्रों में डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण और स्रोत पर कचरे का पृथक्करण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर क्षेत्र के सभी नालों की नियमित सफाई पर भी विशेष जोर दिया।

बैठक में नगर पंचायत कपकोट को ट्रेंचिंग ग्राउंड हेतु भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही स्वयं सहायता समूहों की मदद से गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग संग्रहित और निस्तारित करने पर बल दिया गया।

कृषि विभाग को निर्देश दिए गए कि वह जनपद की प्रमुख नदियों एवं उनकी सहायक धाराओं के किनारे बसे गांवों को चिन्हित करे और वहां प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करे। वहीं सिंचाई विभाग को कुंती नाले के ट्रीटमेंट के लिए कार्ययोजना बनाने को कहा गया।

नमामि गंगे परियोजना अधिकारी विवेक परिहार ने बैठक में जानकारी दी कि जनपद के सभी नगर निकायों में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण शत प्रतिशत किया जा रहा है। इसके अलावा नैचुरल फॉर्मिंग कॉरिडोर योजना के अंतर्गत जिले में 39 क्लस्टरों में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत 14 क्लस्टर भी चयनित किए गए हैं।

बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी आदित्य रत्ना समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


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