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महिला प्रोफेसर समेत चार गिरफ्तार, 12 से 15 लाख में हुई पेपर डील

सोशल मीडिया पर वायरल हुए पन्ने; आयोग ने जांच के दिए आदेश

देहरादून। उत्तराखंड में सरकारी नौकरी की स्नातक स्तरीय परीक्षा एक बार फिर विवादों में आ गई है। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) द्वारा रविवार, 21 सितम्बर 2025 को आयोजित असिस्टेंट रिव्यू ऑफिसर, पटवारी, लेखपाल और ग्राम विकास अधिकारी समेत विभिन्न पदों की भर्ती परीक्षा से एक दिन पहले ही पेपर लीक होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।

इस भर्ती के तहत कुल 416 पदों को भरा जाना है। लेकिन परीक्षा शुरू होने से पहले ही पेपर सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। बताया जा रहा है कि पेपर की डील 12 से 15 लाख रुपये में की गई थी।

पेपर लीक की खबरों के बीच आयोग के अध्यक्ष गणेश सिंह मार्तोलिया ने बड़े स्तर पर पेपर लीक होने से इनकार किया है। उनका कहना है कि यह पूरे पेपर का लीक नहीं, बल्कि एक केंद्र से प्रश्न पत्र के तीन पन्ने लीक हुए हैं। उन्होंने बताया कि सभी परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल जैमर लगाए गए थे, बावजूद इसके कुछ पन्ने बाहर कैसे पहुंचे, यह जांच का विषय है। आयोग ने इस मामले की जांच के लिए एसटीएफ और पुलिस को पत्र भेजा है और आंतरिक जांच भी शुरू कर दी गई है।

पुलिस ने इस मामले में टिहरी की एक महिला प्रोफेसर समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच में पता चला कि एक अभ्यर्थी ने महिला प्रोफेसर को मोबाइल पर प्रश्न पत्र के स्क्रीनशॉट भेजे थे।

इसके अलावा, उत्तरकाशी निवासी कुख्यात नकल माफिया हाकम सिंह और उसका साथी पंकज गौड़ भी पुलिस की गिरफ्त में आ गए हैं। हाकम सिंह पहले भी पेपर लीक और नकल माफियागिरी के मामलों में पकड़ा जा चुका है। आरोप है कि दोनों ने अभ्यर्थियों से 15 लाख रुपये लेकर परीक्षा पास कराने का झांसा दिया था।

परीक्षा से पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें हाकम सिंह अभ्यर्थियों को 15 लाख रुपये में पास कराने का दावा कर रहा था। पुलिस ने दोनों आरोपियों के मोबाइल जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि लैब रिपोर्ट आने के बाद और बड़े खुलासे हो सकते हैं।


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