पौड़ी में मां बनी ढाल, गुलदार के हमले से बेटी की जान बचाई
सतपुली (पौड़ी)। मां के साहस ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जब बात संतान की सुरक्षा की हो तो मातृशक्ति किसी से कम नहीं। पौड़ी जनपद के पोखड़ा ब्लॉक के ग्राम हलूणी में रविवार सुबह हुई घटना में गुलदार ने 23 वर्षीय युवती पर हमला कर दिया। ऐसे में उसकी मां ने बिना डर दिखाए दरांती से गुलदार का मुकाबला किया और बेटी की जान बचा ली।
सुबह करीब साढ़े नौ बजे हलूणी गांव निवासी शोभा देवी (55) अपनी बेटी प्रिया नेगी (23) के साथ खेतों में घास काट रही थीं। तभी झाड़ियों में घात लगाए बैठे गुलदार ने अचानक प्रिया पर हमला बोल दिया। उसने युवती को अपने पंजों में जकड़ लिया। बेटी की चीख सुनते ही पास के खेत में काम कर रही शोभा देवी दौड़ पड़ीं। उन्होंने घास काटने वाली दरांती से लगातार वार कर गुलदार को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया।
इस संघर्ष में प्रिया के हाथ, पैर और पीठ पर पंजों के निशान आए, जबकि शोभा देवी भी बाल-बाल बचीं। ग्रामीणों की मदद से घायल युवती को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौगांवखाल पहुंचाया गया। उपचार के बाद उसकी हालत स्थिर है।
गांव में हर कोई शोभा देवी के साहस की प्रशंसा कर रहा है। घटना की जानकारी मिलने पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज अस्पताल पहुंचे और घायल प्रिया से मुलाकात की। उन्होंने वन विभाग को क्षेत्र में गुलदार की बढ़ती गतिविधियों पर रोक लगाने और तत्काल पिंजरा लगाने के निर्देश दिए।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में गुलदार और बाघ के हमले तेजी से बढ़े हैं। सिर्फ तीन माह में जिले में पांच लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 10 लोग घायल हुए हैं। जून में ग्राम मुंडियाप (एकेश्वर ब्लॉक) में गुलदार ने एक ग्रामीण की जान ले ली थी। इसी माह द्वारीखाल ब्लॉक के ग्राम हलसी में बाघ ने एक महिला को मार डाला। अगस्त में सतपुली मल्ली और सितंबर में श्रीकोट गांव में गुलदार ने दो बच्चों को शिकार बनाया।
गांव के जनप्रतिनिधियों ने सरकार से क्षेत्र में वन्यजीव नियंत्रण के ठोस उपाय करने की मांग की है।
