उत्तराखंड में संपत्ति पंजीकरण शुल्क दोगुना, अब 25 हजार की जगह 50 हजार रुपए लगेगी अधिकतम फीस

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने संपत्ति के पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) शुल्क में बड़ा बदलाव करते हुए अधिकतम फीस की सीमा 25,000 रुपए से बढ़ाकर 50,000 रुपए कर दी है। यह संशोधन तत्काल प्रभाव से पूरे राज्य में लागू हो गया है।
वित्त अनुभाग-9, उत्तराखंड शासन द्वारा अधिसूचना संख्या 345136/2025/XXVII(9)/स्टाम्प-82/2009, दिनांक 17 नवंबर 2025 को जारी की गई है, जिसके तहत स्टाम्प एवं पंजीकरण शुल्क की संशोधित सारणी को मंजूरी प्रदान की गई है।
सरकार ने यह परिवर्तन पंजीकरण अधिनियम, 1908 की धारा 78 तथा भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1897 की धारा 21 के तहत प्राप्त शक्तियों का उपयोग करते हुए किया है।
इसके अतिरिक्त, महानिरीक्षक निबंधन, उत्तराखंड, देहरादून द्वारा जारी पत्रांक 494/म०नि०नि०/2025-26 (दिनांक 17 नवंबर 2025) में इस संशोधन की पुष्टि करते हुए सभी जिलों के अपर जिलाधिकारी (वि/रा) एवं सहायक महानिरीक्षक निबंधन को आवश्यक अनुपालन के निर्देश दिए गए हैं।
किस पर पड़ेगा असर?
इस शुल्क वृद्धि का सीधा प्रभाव उन सभी व्यक्तियों पर पड़ेगा जो राज्य में संपत्ति की खरीद-बिक्री अथवा पंजीकरण प्रक्रिया से जुड़ रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इस कदम से सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी होने की संभावना है, वहीं आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ सकता है।
