रुद्रप्रयाग : कोठगी गांव में 11 दिवसीय महिला रामलीला की धूम, अयोध्या में भी मंचन कर चुकी है यह समिति
रुद्रप्रयाग/अगस्त्यमुनि: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के विकासखंड अगस्त्यमुनि के अंतर्गत ग्राम पंचायत छिनका के कोठानी गांव में इन दिनों 11 दिवसीय ‘मां नन्दा महिला रामलीला’ की जबरदस्त धूम मची हुई है। पतंजलि योग समिति की जिला प्रभारी श्रीमती लक्ष्मी शाह के कुशल नेतृत्व में आयोजित की जा रही इस अनूठी रामलीला में केवल महिला कलाकार ही मंच पर अपनी कला का प्रदर्शन कर रही हैं। इस भव्य आयोजन के दौरान जब धनुष यज्ञ और सीता स्वयंवर के प्रसंगों का मंचन किया गया, तो महिला कलाकारों के दमदार संवादों और सजीव अभिनय ने पंडाल में मौजूद सभी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस रामलीला में प्रभु श्री राम की मुख्य भूमिका में तनुजा और भाई लक्ष्मण के किरदार में राखी ने अपनी शानदार प्रस्तुति दी, जबकि माता सीता के रूप में हेमवती ने अपनी सादगी और अभिनय से सबका दिल जीत लिया। इसके साथ ही राजा जनक के रूप में बसुमति बिष्ट, माता सुनैना के रूप में सोना नेगी, अहिल्या के रूप में पुष्पा रावत, महिर्षि विश्वामित्र के रूप में कविता पवार और राजा नेपाली के किरदार में सीमा गुसाईं ने अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई। वहीं, लंकापति रावण के रौद्र रूप में मुन्नी बिष्ट और भगवान परशुराम के क्रोधित अवतार में लीला संगेला के संवादों ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। इस पूरी रामलीला को सफल बनाने में सुमित्रा के रूप में मीना नौटियाल, सखियों की भूमिका में सरला व सुनीता, किरन गौरी, सुधा और मंत्री के रूप में बसुमति ने भी अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।
मां नन्दा महिला रामलीला मांगल योग समिति का इतिहास बेहद गौरवशाली और उपलब्धियों से भरा रहा है, क्योंकि यह महिला रामलीला कमेटी इससे पहले दो बार ‘अभिमन्यु चक्रव्यूह नाटक’ का भी सफल मंचन कर अपनी एक अलग पहचान बना चुकी है। इस समिति की ख्याति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या धाम में श्री राम मंदिर की ऐतिहासिक प्राण प्रतिष्ठा का उत्सव मनाया जा रहा था, तब वहां पहली बार आयोजित हुई महिला रामलीला में इस समिति को भी उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करने का सौभाग्य मिला था।
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उस वैश्विक मंच पर उत्तराखंड के 8 अलग-अलग जिलों की महिलाओं ने एक साथ प्रतिभाग किया था और 11 दिनों तक अपनी अद्भुत अभिनय कला का प्रदर्शन करके न केवल देवभूमि उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति का मान बढ़ाया, बल्कि पूरे देश में महिला शक्ति और उनके हुनर का लोहा मनवाया। इसी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए समिति द्वारा इस बार अपनी सोहलवीं (16वीं) वार्षिक रामलीला का सफल और भव्य आयोजन कोठानी गांव में किया जा रहा है, जिसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग पहुँच रहे हैं।
इस सांस्कृतिक और धार्मिक महाआयोजन के दौरान क्षेत्र के सुप्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता प्रताप सिंह नेगी ने भी रामलीला मंच पर शिरकत की और उन्होंने समिति के सभी पदाधिकारियों, आयोजकों और विभिन्न पात्रों का अभिनय कर रही मातृशक्ति की मुक्तकंठ से सराहना की।
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उन्होंने महिला कलाकारों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि जिस तरह इन ग्रामीण महिलाओं ने अपनी व्यस्त दिनचर्या के बावजूद अपनी लोक संस्कृति और धार्मिक जड़ों को जिंदा रखा है, वह वाकई मिसाल के काबिल है। लगातार 16 बार रामलीला का सफल मंचन करना और दो बार चक्रव्यूह जैसे कठिन नाटक को जीवंत करना मातृशक्ति की दृढ़ इच्छाशक्ति को दर्शाता है। सामाजिक कार्यकर्ता ने समाज के अन्य महिला संगठनों और युवा पीढ़ी से भी अपील की कि वे इस प्रकार के सांस्कृतिक मंचों के माध्यम से आगे आएं, ताकि हमारी पारंपरिक कलाएं और गौरवशाली इतिहास हमेशा जीवंत रह सकें।





