शस्त्र लाइसेंस किया निरस्त
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जान से मारने की धमकी और हवाई फायरिंग पड़ी भारी, जिलाधिकारी ने शस्त्र लाइसेंस किया निरस्त

देहरादून | 24 दिसंबर 2025: उत्तराखंड में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। दूसरे व्यक्ति को जान से मारने की धमकी देने और लाइसेंसी बंदूक से हवा में फायरिंग करने के मामले में जिलाधिकारी ने बड़ा एक्शन लेते हुए आरोपी का शस्त्र लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है।

मामला देहरादून जिले के थाना रायवाला क्षेत्र का है। देवीदत्त भट्ट नामक व्यक्ति पर आरोप है कि उसने गंगा सूरजपुर कॉलोनी, हरिपुर कला में अपने घर के बाहर खड़े होकर शिकायतकर्ता को जान से मारने की धमकी दी और अपनी लाइसेंसी बंदूक से हवाई फायरिंग की। इस घटना से न सिर्फ शिकायतकर्ता बल्कि पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।

घटना की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की लाइसेंसी बंदूक तुरंत थाने में जमा कराई गई। इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून की रिपोर्ट में सामने आया कि आरोपी के खिलाफ पहले से ही कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी को पूर्व में न्यायालय से कारावास और ₹4000 के अर्थदंड की सजा मिल चुकी है। इतना ही नहीं, आरोपी एनडीपीएस एक्ट के तहत भी दोषसिद्ध है।

जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने साफ शब्दों में कहा कि

“शस्त्र लाइसेंस किसी व्यक्ति का मौलिक अधिकार नहीं है, बल्कि यह एक सशर्त विशेषाधिकार है, जो केवल ऐसे व्यक्ति को दिया जा सकता है जिसका आचरण समाज और लोक-शांति के लिए खतरा न हो।”

जिलाधिकारी ने कहा कि इस मामले में लाइसेंसी हथियार का इस्तेमाल आत्मरक्षा के लिए नहीं, बल्कि डर फैलाने और धमकी देने के उद्देश्य से किया गया, जो शस्त्र अधिनियम की मूल भावना के खिलाफ है। आरोपी का आपराधिक इतिहास और लापरवाह फायरिंग यह दर्शाती है कि भविष्य में भी हथियार के दुरुपयोग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने शस्त्र अधिनियम, 1959 की सुसंगत धाराओं के तहत अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए आरोपी देवीदत्त भट्ट का शस्त्र लाइसेंस रद्द करने का आदेश जारी कर दिया है।


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