हल्द्वानी ! निवेश का सपना, ठगी की हकीकत: GMFX Global का काला खेल उजागर
कुसुमखेड़ा। कुसुमखेड़ा निवासी एक व्यक्ति की शिकायत पर जीएमएफएक्स ग्लोबल लिमिटेड के खिलाफ बड़े निवेश घोटाले का खुलासा हुआ है। शिकायत में कंपनी के सीईओ बिमल रावत पर निवेशकों से धोखाधड़ी कर उनकी जमा धनराशि वापस न करने के गंभीर आरोप लगाए गए थे।
मामले को गंभीरता से लेते हुए मंडलायुक्त ने कंपनी के सीईओ को कार्यालय में तलब किया। संतोषजनक जवाब न मिलने पर प्रशासनिक अधिकारियों की टीम के साथ सतलोक कॉलोनी फेज-6, रणवीर गार्डन के पास स्थित कंपनी कार्यालय का स्थलीय निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने कंपनी से जुड़े दस्तावेज, लेन-देन का विवरण, बैलेंस शीट और ऑनलाइन पोर्टल का डेटा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, लेकिन सीईओ कोई भी प्रमाण या रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं कर सके। इसी दौरान मौके पर 10 से 11 अन्य निवेशक भी पहुंचे, जिन्होंने अपनी जमा पूंजी वापस दिलाने की मांग की।
जांच में यह भी सामने आया कि कंपनी के नाम पर निवेश किए जाने के बजाय सीईओ द्वारा व्यक्तिगत रूप से दो अलग-अलग स्थानों पर जमीन खरीदी गई, जिससे कंपनी के धन के दुरुपयोग की आशंका और गहराती गई। पूछताछ के दौरान सीईओ ने स्वीकार किया कि कंपनी पर करीब 3900 निवेशकों की देनदारी है।
बैंक खातों की जांच में चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि कंपनी के आईडीएफसी बैंक खाते में मात्र 42,455 रुपये और एचडीएफसी बैंक खाते में लगभग 50 हजार रुपये ही शेष हैं, जबकि निवेशकों से करोड़ों रुपये एकत्र किए गए थे।
मंडलायुक्त को बताया गया कि कंपनी ने 25 माह में धनराशि दोगुनी करने का लालच देकर करीब 8 हजार निवेशकों से लगभग 39 करोड़ रुपये एकत्र किए। इतना ही नहीं, निवेशकों को जोड़ने के लिए मल्टीलेवल मार्केटिंग (एमएलएम) के तहत मीडिएटर्स को इंसेंटिव देने की व्यवस्था भी की गई थी, जिससे निवेशकों की संख्या तेजी से बढ़ती चली गई।
प्रथम दृष्टया जांच में मामला पिरामिड स्कीम/मल्टीलेवल मार्केटिंग, कंपनी अधिनियम के उल्लंघन, कंपनी की धनराशि का निजी संपत्ति निर्माण में उपयोग और निवेशकों के साथ धोखाधड़ी का पाया गया। इसके बाद मंडलायुक्त ने तत्काल मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए।
कार्रवाई के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल चौहान, वित्त नियंत्रक सूर्य प्रताप सिंह, बड़ी संख्या में निवेशक और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
