कोटद्वार में दुकान विवाद बना सियासी मुद्दा, राहुल–ओवैसी के बयान से बढ़ी हलचल
देहरादून/कोटद्वार। कोटद्वार में एक दुकान के नाम से शुरू हुआ विवाद अब बड़े राजनीतिक और प्रशासनिक भूचाल का रूप ले चुका है। प्रशासन ने भले ही दुकान का नाम न बदलने का फैसला सुनाकर स्थिति संभालने की कोशिश की हो, लेकिन इसके बाद दर्ज हुए मुकदमों और राष्ट्रीय नेताओं की एंट्री ने मामले को और ज्यादा गर्मा दिया है।
प्रशासन की कार्रवाई में दीपक कुमार समेत कुछ लोगों पर केस दर्ज किए गए हैं, जिसके बाद दीपक ने खुद को असुरक्षित बताते हुए प्रशासन से सुरक्षा की मांग कर दी है। इस बीच मामला सिर्फ स्थानीय नहीं रहा। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सोशल मीडिया के जरिए दीपक के समर्थन में बयान देकर इस विवाद को राष्ट्रीय बहस में बदल दिया है।
हालात की नजाकत को देखते हुए कोटद्वार को लगभग छावनी में तब्दील कर दिया गया है। पुलिस लगातार फ्लैग मार्च कर रही है, अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई है और उत्तर प्रदेश–उत्तराखंड सीमा तक अलर्ट जारी कर निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासन किसी भी चूक के मूड में नहीं है।
बताया जा रहा है कि जनवरी के आखिरी सप्ताह में शुरू हुआ यह मामला शुरुआत में एक साधारण मांग तक सीमित था, लेकिन देखते ही देखते यह सामाजिक तनाव और राजनीतिक टकराव में बदल गया। हालात इतने बिगड़े कि प्रशासन को सख्त कदम उठाने पड़े।
फिलहाल प्रशासन का दावा है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन पुलिस पूरी तरह चौकन्नी है। कोटद्वार में शांति बनाए रखने के लिए हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है, क्योंकि एक दुकान के नाम से उठा विवाद अब बड़े सियासी और सामाजिक संदेश देने लगा है।

