CM धामी का बड़ा एक्शन मोड
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CM धामी का बड़ा एक्शन मोड: पुलिस, प्रशासन, माफिया और सिस्टम—सबको सख्त चेतावनी

देहरादून। उत्तराखंड में कानून व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यशैली को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि अब किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने पुलिस, प्रशासन और सभी विभागों को आम जनमानस के प्रति संवेदनशील, जवाबदेह और परिणामोन्मुखी होकर काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है और शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने पुलिस के वर्क कल्चर में तत्काल सुधार पर जोर देते हुए कहा कि थाना और चौकी स्तर पर आम आदमी के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए। निर्दोष नागरिकों को अनावश्यक रूप से परेशान करने की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा। अपराध नियंत्रण के लिए रात्रि गश्त और पेट्रोलिंग को और अधिक सघन करने, लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण करने तथा 1905 हेल्पलाइन पर जीरो पेंडेंसी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

भूमि घोटालों को लेकर मुख्यमंत्री ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि लैंड फ्रॉड के मामलों में दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और इसके लिए सख्त कानून बनाया जाएगा। नदी-नालों और सरकारी भूमि पर हो रहे अवैध निर्माणों के लिए एसडीएम, लेखपाल और पटवारी की जवाबदेही तय करने तथा संरक्षण देने वालों पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

नशा मुक्ति अभियान को जन आंदोलन का रूप देने पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने प्रत्येक जनपद से मासिक रिपोर्ट सीधे शासन को भेजने के निर्देश दिए, जिसकी नियमित समीक्षा गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक द्वारा की जाएगी। अभियोजन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अभियोजन अधिकारियों का परफॉर्मेंस ऑडिट कराने की बात भी कही गई, ताकि अपराधियों को कमजोर पैरवी का लाभ न मिल सके।

दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे के खुलने के बाद बढ़ने वाली पर्यटक संख्या को देखते हुए मुख्यमंत्री ने होटल, आवास, पार्किंग, ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्थाओं को समयबद्ध रूप से मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि कैंची धाम बाईपास जून तक पूरा कर लिया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बड़ी राहत मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सरकारी योजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका असर धरातल पर दिखाई देना चाहिए। मुख्यमंत्री घोषणाओं के 100 प्रतिशत क्रियान्वयन, योजनाओं के भौतिक सत्यापन, गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। साथ ही लोक निर्माण विभाग को 15 फरवरी से सड़कों के डामरीकरण का कार्य शुरू करने और गुणवत्ता से कोई समझौता न करने को कहा गया।


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