मोतीचूर फ्लाईओवर
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मोतीचूर फ्लाईओवर बना ‘मौत का जाल’? एक ही रात में दो भीषण हादसे, आखिर जिम्मेदार कौन!

हरिद्वार/रायवाला। मोतीचूर फ्लाईओवर एक बार फिर खतरनाक साबित हुआ, जब गुरुवार रात यहां दो अलग-अलग सड़क हादसों ने सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। इन दुर्घटनाओं में वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि कई लोग बाल-बाल बच गए।

पहला हादसा हरिद्वार से रायवाला की ओर जाने वाली लेन पर हुआ, जहां तेज रफ्तार डंपर ने पीछे से एक कार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि कार क्षतिग्रस्त हो गई और चालक को चोटें आईं। पुलिस ने घायल को तत्काल एम्स ऋषिकेश भिजवाया, जबकि डंपर को कब्जे में ले लिया गया है।

वहीं, दूसरा हादसा रायवाला से हरिद्वार की ओर जाने वाली लेन पर हुआ, जहां एक स्कॉर्पियो ने ट्रैक्टर को पीछे से टक्कर मार दी। यह टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रैक्टर दो हिस्सों में बंट गया और स्कॉर्पियो भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद ट्रैक्टर फ्लाईओवर के सीसी क्रैश बैरियर पर चढ़ गया। गनीमत रही कि दोनों वाहन चालक मामूली चोटों के साथ सुरक्षित बच निकले।

हादसों के बाद सड़क पर डीजल और मोबिल ऑयल फैल गया, जिससे पूरी सड़क फिसलन भरी हो गई और अन्य वाहनों के फिसलने का खतरा बढ़ गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए यातायात को सुचारू कराया।

कोतवाली रायवाला के प्रभारी निरीक्षक देवव्रत जोशी ने बताया कि दोनों मामलों की जांच की जा रही है और क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर यातायात सामान्य कर दिया गया है।

बड़े सवाल खड़े करता फ्लाईओवर
लगातार हो रहे हादसों के बावजूद मोतीचूर फ्लाईओवर पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। हरिद्वार की ओर ढलान, तेज रफ्तार, सप्तऋषि चुंगी के पास खतरनाक कट और लंबे समय से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटें दुर्घटनाओं की बड़ी वजह बन रही हैं।

सबसे चिंताजनक बात यह है कि इन लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) अब तक कोई ठोस कदम उठाता नजर नहीं आ रहा है।

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