आंगनबाड़ी सुपरवाइजर
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हरिद्वार में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा, प्रमोशन के नाम पर घूसखोरी का खेल बेनकाब

हरिद्वार। जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई ने सरकारी तंत्र में मचे हड़कंप को उजागर कर दिया है। प्रमोशन दिलाने के नाम पर रिश्वतखोरी का घिनौना खेल खेल रही आंगनबाड़ी सुपरवाइजर को विजिलेंस टीम ने रंगे हाथों दबोच लिया। आरोपी महिला अधिकारी 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ी गई, जिसके बाद पूरे विभाग में अफरा-तफरी मच गई।

मामला हरिद्वार के रोशनाबाद क्षेत्र का है, जहां एक आंगनबाड़ी सहायिका का प्रमोशन लंबे समय से अटका हुआ था। आरोप है कि डीपीओ कार्यालय, रुड़की में तैनात सुपरवाइजर राखी सैनी जानबूझकर प्रमोशन को टालती रही और अंततः इसके बदले 50 हजार रुपये की डिमांड कर डाली। मजबूर सहायिका ने हार मानने के बजाय हिम्मत दिखाई और सीधे विजिलेंस के दरवाजे पर दस्तक दी।

शिकायत मिलते ही विजिलेंस ने गुपचुप तरीके से जांच शुरू की और आरोप सही पाए जाने पर जाल बिछा दिया। बुधवार को जैसे ही आरोपी सुपरवाइजर रिश्वत की रकम लेने पहुंची, पहले से तैनात विजिलेंस टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। इस कार्रवाई के बाद मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।

इतना ही नहीं, गिरफ्तारी के तुरंत बाद विजिलेंस टीम ने आरोपी के ठिकानों पर छापेमारी भी की, जहां से कई संदिग्ध और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए हैं। इन दस्तावेजों से भ्रष्टाचार के बड़े नेटवर्क के संकेत मिलने की आशंका जताई जा रही है।

इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सरकारी विभागों में प्रमोशन और सुविधाओं के नाम पर भ्रष्टाचार किस कदर जड़ें जमा चुका है। हालांकि विजिलेंस की इस सख्त कार्रवाई से साफ संदेश गया है कि अब घूसखोरी करने वालों की खैर नहीं।

फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और विजिलेंस पूरे मामले की गहराई से जांच में जुटी है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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