बिड़ला इंस्टीट्यूट, भीमताल में ‘स्पेक्ट्रम 2026’ का भव्य आगाज, मुख्यमंत्री धामी ने किया शुभारंभ
भीमताल (नैनीताल)। बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ अप्लाइड साइंसेज, भीमताल में शनिवार को तीन दिवसीय तकनीकी एवं सांस्कृतिक वार्षिकोत्सव ‘स्पेक्ट्रम 2026’ का भव्य शुभारंभ प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने संस्थान के कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन भी किया।
मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में कहा कि इस आयोजन और नए भवन के निर्माण से छात्रों के लिए आधुनिक शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के नए अवसर खुलेंगे। उन्होंने कहा कि देश का भविष्य प्रतिभाशाली और संकल्पवान युवाओं के हाथों में सुरक्षित है।

उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को याद करते हुए कहा कि भारत में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, जरूरत केवल उन्हें सही दिशा देने की है। उन्होंने विश्वास जताया कि संस्थान प्रबंधन इसी भावना के साथ युवाओं की प्रतिभा को निखारने का कार्य कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय पंडित नारायण दत्त तिवारी की परिकल्पना के अनुरूप यह संस्थान दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों के मेधावी और जरूरतमंद छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहा है। उन्होंने संस्थान की उत्कृष्टता, अनुशासन और संस्कारों की परंपरा की सराहना की।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने छात्रों द्वारा तैयार किए गए मॉडलों का अवलोकन किया और उनकी नवाचार क्षमता एवं रचनात्मकता की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि संस्थान छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध करा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिड़ला इंस्टीट्यूट वर्षों से उत्तराखंड के युवाओं को तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यहां के छात्र देश-विदेश में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं, वहीं कई छात्र प्रशासनिक सेवाओं, सेना और स्टार्टअप के क्षेत्र में भी उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं—स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया, मुद्रा योजना, अटल इनोवेशन मिशन और पीएम युवा योजना—का उल्लेख करते हुए कहा कि ये पहलें युवाओं को रोजगार देने वाला बनाने में सहायक हैं।
राज्य सरकार की पहलों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड में नई शिक्षा नीति लागू की जा चुकी है, जिसके तहत एआई, मशीन लर्निंग और बिग डेटा जैसे आधुनिक कोर्स शुरू किए जा रहे हैं। साथ ही 20 मॉडल कॉलेजों की स्थापना, छात्रावास, आईटी लैब और परीक्षा भवनों का निर्माण भी किया जा रहा है।
उन्होंने ‘शेवनिंग उत्तराखंड छात्रवृत्ति’, ‘इंफोसिस स्प्रिंगबोर्ड’, ‘देवभूमि उद्यमिता योजना’ और ‘मुख्यमंत्री शोध प्रोत्साहन योजना’ का उल्लेख करते हुए बताया कि इन योजनाओं से छात्रों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवसर मिल रहे हैं। शोध को बढ़ावा देने के लिए 18 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है और पिछले चार वर्षों में 32 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने संस्थान में ड्रोन लैब की स्थापना और कंप्यूटर विभाग के उन्नयन के लिए 50 लाख रुपये तथा ऑडिटोरियम के लिए फर्नीचर हेतु अतिरिक्त 50 लाख रुपये देने की घोषणा की।
इसके साथ ही क्षेत्रीय विकास के लिए कई घोषणाएं भी की गईं, जिनमें भीमताल में उप तहसील का गठन, ओखलकांडा में आयुर्वेदिक चिकित्सालय की स्थापना, स्वास्थ्य केंद्रों में एक्स-रे व अल्ट्रासाउंड मशीनें, लेटीबुंगा और सतबुंगा में कोल्ड स्टोर, विभिन्न ब्लॉकों में मंडी निर्माण तथा ककोड़ और दाड़िम में मिनी स्टेडियम निर्माण शामिल हैं।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों की जानकारी दी। इस दौरान ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश बिष्ट, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी, सीडीओ अरविंद पांडेय, संस्थान के निदेशक बीके सिंह, चेयरमैन बीएस बिष्ट, रजिस्ट्रार डॉ. हेमचंद्र पांडेय सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।





