देहरादून: किसान क्रेडिट कार्ड घोटाले में बड़ा फैसला, बैंक के पूर्व प्रबंधक समेत कई दोषी करार
देहरादून से एक बड़े वित्तीय घोटाले में अहम फैसला सामने आया है। उत्तराखंड ग्रामीण बैंक की बाजपुर शाखा में हुए करोड़ों रुपये के किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) घोटाले में सीबीआई की विशेष अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक समेत कई आरोपियों को दोषी ठहराया है।
अदालत ने बैंक के पूर्व प्रबंधक रामावतार सिंह दिनकर को चार साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उन पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। मामले में शामिल अन्य आरोपियों को भी अलग-अलग धाराओं में तीन से साढ़े तीन साल तक की सजा सुनाई गई है।
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यह पूरा मामला वर्ष 2014-15 का है, जब बाजपुर शाखा में किसान क्रेडिट कार्ड के नाम पर बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आई थीं। जांच में खुलासा हुआ कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर किसानों के नाम पर ऋण स्वीकृत किए गए, जबकि वास्तविक लाभार्थियों तक राशि नहीं पहुंची। कई मामलों में ऋण की रकम को अन्य खातों में ट्रांसफर कर दिया गया।
सीबीआई ने इस घोटाले की जांच करते हुए पाया कि नियमों को दरकिनार कर बिना उचित सत्यापन के लोन जारी किए गए। फर्जी केवाईसी, गलत दस्तावेज और मिलीभगत के जरिए बैंक को करीब 4.81 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया गया।
अदालत में सुनवाई के दौरान कुल 33 गवाहों के बयान और कई अहम दस्तावेज प्रस्तुत किए गए, जिनके आधार पर आरोपियों को दोषी करार दिया गया।
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इस मामले में अन्य दोषियों में बैंक कर्मियों और कुछ निजी व्यक्तियों के नाम भी शामिल हैं, जिन्होंने इस घोटाले को अंजाम देने में भूमिका निभाई। वहीं एक आरोपी की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो चुकी है, जिसके खिलाफ कार्यवाही समाप्त कर दी गई।
सीबीआई के अनुसार, इस केस में कुल 18 आरोपी थे, जिनमें से कुछ पहले ही अपने अपराध स्वीकार कर चुके थे और उन्हें पूर्व में ही सजा दी जा चुकी है।





