नैनीताल: अपराधियों और गन-कल्चर पर DM का कड़ा प्रहार; बनभूलपुरा के 4 समेत 5 शस्त्र लाइसेंस निरस्त, एक नशा तस्कर जिला बदर
नैनीताल: जनपद में कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने और अराजक तत्वों को कड़ा संदेश देने के लिए जिला मजिस्ट्रेट ललित मोहन रयाल ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रशासन ने न केवल सार्वजनिक स्थान पर फायरिंग करने वाले और दंगों में शामिल आरोपियों के शस्त्र लाइसेंस निरस्त किए हैं, बल्कि एक कुख्यात नशा तस्कर को जिला बदर (निष्कासित) करने के भी आदेश दिए हैं।
दंगाइयों और शस्त्र दुरुपयोग करने वालों पर ‘हंटर’
जिला मजिस्ट्रेट की अदालत ने बनभूलपुरा क्षेत्र में शांति भंग करने और गंभीर धाराओं में निरुद्ध आरोपियों के शस्त्र लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए हैं।
बनभूलपुरा के 4 लाइसेंस निरस्त: वसीम अहमद (इंदिरा नगर), मकसूद हुसैन, मुनव्वर अली (नई बस्ती) और कासिम खान (आजाद नगर) के शस्त्र लाइसेंस रद्द किए गए हैं। बता दें कि इनमें से आरोपी वसीम अहमद यूएपीए (UAPA) एक्ट और लोक संपत्ति विरूपण अधिनियम जैसे गंभीर मामलों में निरुद्ध रह चुका है।
हवा में फायरिंग पड़ी भारी: काठगोदाम निवासी त्रिभुवन चंद पर आरोप था कि उन्होंने शराब के नशे में अपनी 0.32 बोर की लाइसेंसी पिस्टल से सार्वजनिक स्थान पर कार में बैठकर फायरिंग की थी। डीएम ने इसे जनसुरक्षा के लिए गंभीर खतरा मानते हुए उनका लाइसेंस निरस्त कर दिया है।
यह भी पढ़ें 👉उत्तराखंड में विजिलेंस का बड़ा एक्शन, 50 हजार की रिश्वत लेते JE गिरफ्तार, ट्रैप टीम ने रंगे हाथ दबोचा
नशा तस्कर हरप्रीत विज 6 माह के लिए जिला बदर
प्रशासन ने नशे के सौदागरों के खिलाफ भी ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है। बनभूलपुरा के गौजाजाली निवासी हरप्रीत विज उर्फ बुंदा के विरुद्ध एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के कई मुकदमे दर्ज हैं। जिला मजिस्ट्रेट ने उसे समाज के लिए घातक मानते हुए अगले छह माह के लिए जनपद की सीमा से निष्कासित (जिला बदर) करने के आदेश जारी किए हैं।
यह भी पढ़ें 👉“ऑपरेशन प्रहार” के तहत हल्द्वानी में IPL सट्टा गैंग का बड़ा भंडाफोड़
जिला मजिस्ट्रेट ललित मोहन रयाल ने स्पष्ट किया है कि शस्त्र आत्मरक्षा के लिए दिए जाते हैं, दहशत फैलाने के लिए नहीं। उन्होंने चेतावनी दी कि जनपद में शांति व्यवस्था भंग करने, नशा तस्करी करने या हथियारों का प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी प्रकार की कठोरतम कार्रवाई जारी रहेगी।





