नैनीताल में अनजान ‘पत्थरबाज’ का खौफ: रातों की नींद उड़ी, दहशत में आए कई परिवार; स्थानीय लोग खुद कर रहे हैं नाइट गश्त! 👇
नैनीताल: सरोवर नगरी नैनीताल के कई रिहायशी इलाकों में इन दिनों एक अनजान और शातिर पत्थरबाज के उपद्रव ने स्थानीय जनता की रातों की नींद उड़ा रखी है। पिछले 11 दिनों से लगातार हो रही इस रहस्यमयी पत्थरबाजी की घटना से क्षेत्र के दर्जनों परिवार बेहद भयभीत और दहशत के साए में जीने को मजबूर हैं। पुलिस प्रशासन की ढुलमुल विधिक कार्रवाई से तंग आकर अब स्थानीय लोगों और युवाओं ने खुद लाठी-डंडे लेकर रात में गश्त (Night Patrolling) शुरू कर दी है और उपद्रवी को खुलेआम चुनौती दी है। पत्थरबाज द्वारा रिहायशी मकानों की टीन की छतों पर भारी पत्थर बरसाकर इलाके में खौफ जमाने का यह सिलसिला लगातार जारी है।
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रात 8 से 11 बजे के बीच बरसते हैं पत्थर, जिला पंचायत के जंगलों से चल रहा खेल
स्थानीय नागरिकों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह उपद्रवी बेहद शातिर तरीके से वारदात को अंजाम दे रहा है। नैनीताल के मेविला, जिला पंचायत, सीमेंट हाउस और जीवाजी कॉटेज आदि प्रमुख क्षेत्रों को इस सिरफिरे ने अपना निशाना बनाया है। पिछले 11 दिनों से हर दिन ठीक रात 8:00 बजे से लेकर 11:00 बजे के बीच इन इलाकों में अचानक पत्थरों की बरसात शुरू हो जाती है।
क्षेत्र से जुड़े और जिला न्यायालय में डी.जी.सी. रिवेन्यू (DGC Revenue) अधिवक्ता राजेश चंदोला ने इस गंभीर और सामाजिक समस्या पर गहरा रोष व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि उनके घर पर लगातार पत्थरों की बौछार होने के बाद अब उपद्रवी ने जीवाजी कंपाउंड स्थित जिला पंचायत अध्यक्ष के आवास, स्टाफ क्वार्टर, कुर्मांचल होटल, होटल प्रिम रोज और कई गोदामों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ये पत्थर बिड़ला स्कूल रोड में सीमेंट हाउस के पास स्थित जिला पंचायत की घनी जंगल भूमि की तरफ से सरेआम मारे जा रहे हैं।
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पुलिस की लचर विधिक कार्रवाई से जनता में आक्रोश, खुद संभाला मोर्चा
क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों का आरोप है कि इस गंभीर मामले की सूचना पुलिस को पहले मौखिक रूप से दी गई थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस की टीम केवल एक दिन खानापूर्ति के लिए इलाके में आई और उसके बाद कोई मुस्तैदी नहीं दिखाई गई। पुलिस की इस लचर कार्यप्रणाली से नाराज होकर अब स्थानीय लोग खुद ही सुरक्षा के लिए आगे आए हैं।
इलाके के पुरुषों और युवाओं ने टोलियां बनाकर रात के समय जंगलों और रास्तों पर गश्त लगानी शुरू कर दी है। स्थानीय जनता ने जिला प्रशासन और पुलिस विभाग से मांग की है कि इस मामले में तत्काल भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत अज्ञात उपद्रवी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर रात के समय पुलिस पिकेट तैनात की जाए, ताकि किसी बड़ी अनहोनी या जान-माल के नुकसान को होने से रोका जा सके।
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