बागेश्वर कलेक्ट्रेट में राजनीतिक दलों के साथ विधानसभा निर्वाचन नामावली पुनरीक्षण की बैठक लेतीं DM अपूर्वा पाण्डेबागेश्वर कलेक्ट्रेट में राजनीतिक दलों के साथ विधानसभा निर्वाचन नामावली पुनरीक्षण की बैठक लेतीं DM अपूर्वा पाण्डे
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बागेश्वर: विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर DM अपूर्वा पाण्डे सख्त, राजनीतिक दलों के साथ समीक्षा बैठक कर दिए विधिक निर्देश! 👇

संवाददाता सीमा खेतवाल

बागेश्वर: जनपद बागेश्वर में आगामी चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है, जिसके तहत विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (SIR) के अंतर्गत विधानसभा निर्वाचन नामावलियों के आलेख्य (ड्राफ्ट) प्रकाशन और प्राप्त होने वाले दावे व आपत्तियों के संबंध में शुक्रवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण विधिक बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अपूर्वा पाण्डे की अध्यक्षता में आयोजित इस उच्च स्तरीय बैठक में जनपद के समस्त मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया, जहां जिलाधिकारी ने अधिकारियों को प्राप्त होने वाले सभी दावों और आपत्तियों का समयबद्ध व विधिक रूप से त्वरित निस्तारण करने के कड़े निर्देश जारी किए।

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बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को विधिक समय-सारणी की जानकारी देते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद की विधानसभा निर्वाचन नामावलियों का ड्राफ्ट रोल प्रकाशन 14 जुलाई, 2026 को किया जा चुका है, जिसके तहत कोई भी पात्र नागरिक या राजनीतिक दल 14 जुलाई से 13 अगस्त, 2026 तक मतदाता सूची के संबंध में अपने दावे एवं आपत्तियां दर्ज करा सकता है, जिन पर 14 जुलाई से 11 सितम्बर, 2026 तक सघन सुनवाई कर भारत निर्वाचन आयोग के मानकों के अनुसार उनका शत-प्रतिशत निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा और अंततः 15 सितम्बर, 2026 को अंतिम निर्वाचन नामावली का विधिक प्रकाशन कर दिया जाएगा।

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जिला निर्वाचन अधिकारी ने मतदेय स्थलों के पुनर्गठन और मतदाताओं के विधिक आंकड़ों में हुए बदलावों को साझा करते हुए बताया कि बागेश्वर विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं की विधिक सुगमता के लिए पूर्व में तय 192 मतदेय स्थलों की संख्या को बढ़ाकर अब 206 कर दिया गया है, जबकि यहाँ वर्तमान ड्राफ्ट रोल प्रकाशन के बाद मतदाताओं की संख्या 1,15,648 से घटकर 1,08,772 रह गई है; इसी प्रकार कपकोट विधानसभा क्षेत्र में पूर्व में 189 मतदेय स्थल थे जिन्हें विधिक मानकों के तहत बढ़ाकर अब 199 कर दिया गया है और वहाँ पंजीकृत मतदाताओं की संख्या 98,281 से घटकर वर्तमान में 92,147 दर्ज की गई है।

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निर्वाचन नामावली को पूरी तरह शुद्ध और पारदर्शी बनाने के लिए किए गए सर्वे के अनुसार जनपद में कुल 41,008 विसंगति (Anomalies) और 1,437 अनमैप्ड मतदाता चिन्हित किए गए हैं, जिसके साथ ही कुल 13,010 अनकलेक्टेबल रिपोर्ट भी प्राप्त हुई हैं जिनमें 2,403 मृतक, 830 अनुपस्थित, 8,532 स्थायी रूप से स्थानांतरित, 1,216 पहले से अन्यत्र पंजीकृत तथा 29 अन्य श्रेणी के मतदाता शामिल हैं और इन सभी की सूचियां बूथ स्तर के अधिकारियों (BLO) द्वारा संबंधित राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (BLA-2) के साथ विधिक रूप से साझा की जा चुकी हैं ताकि कोई भी फर्जी या दोहरी प्रविष्टि सूची में न रहे।

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इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में जिला प्रशासन के आला अधिकारियों सहित प्रमुख दलों के दिग्गज नेता उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से अपर जिलाधिकारी (ADM) एन.एस. नबियाल, उप जिलाधिकारी (SDM) प्रियंका रानी, भारतीय जनता पार्टी के प्रतिनिधि मदन राम आगरी, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रतिनिधि गोविंद गिरी व अर्जुन भट्ट तथा सहायक निर्वाचन अधिकारी धनीराम टम्टा सहित निर्वाचन कार्यालय के अन्य वरिष्ठ विधिक अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

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