उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों के चिह्नीकरण की बैठक लेते जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल और समिति सदस्य
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उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों के चिह्नीकरण की प्रक्रिया तेज: नैनीताल में 198 आवेदनों का हुआ परीक्षण, DM ललित मोहन रयाल ने दिए पारदर्शिता के निर्देश! 👇

नैनीताल: उत्तराखंड राज्य निर्माण में अपने प्राणों और संघर्षों की आहुति देने वाले राज्य आंदोलनकारियों के चिह्नीकरण (Identification) की प्रक्रिया को पारदर्शी और गति प्रदान करने के लिए जिला प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। उत्तराखंड शासन के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में बुधवार, 22 जुलाई 2026 को कलेक्ट्रेट सभागार नैनीताल में जिलाधिकारी (DM) ललित मोहन रयाल की अध्यक्षता में गठित विशेष समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई।

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वर्ष 2021 तक प्राप्त 198 आवेदनों व साक्ष्यों का किया गया बिंदुवार परीक्षण

समीक्षा बैठक के दौरान वर्ष 2021 तक जनपद स्तर पर प्राप्त आवेदनों में से 198 आवेदनों पर समिति द्वारा विस्तार से चर्चा की गई। समिति के सदस्यों ने आवेदकों द्वारा आवेदन पत्र के साथ संलग्न किए गए सभी अभिलेखों, साक्ष्यों और ऐतिहासिक दस्तावेजों का बिंदुवार (Point-by-point) गहन परीक्षण किया।

जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने कड़े विधिक निर्देश जारी करते हुए कहा कि शासन द्वारा निर्धारित कड़े मानकों के अनुरूप ही शत-प्रतिशत पारदर्शिता के साथ आवेदनों की जांच की जाए, ताकि केवल वास्तविक राज्य आंदोलनकारियों को ही इसका विधिक लाभ और सम्मान मिल सके।

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“राज्य आंदोलनकारियों का सम्मान सर्वोपरि, अपूर्ण फाइलों पर तुरंत दी जाए सूचना”

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि राज्य आंदोलनकारी उत्तराखंड राज्य निर्माण के आधारस्तम्भ और पूज्य सेनानी हैं। उनके सम्मान और चिह्नीकरण की इस प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर जरा सी भी लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि:


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