पानी के टैंक में शटरिंग खोलने उतरे दो सगे भाइयों और मां की घुटने से मौत; इलाके में मातम! 👇
हल्द्वानी (नैनीताल): उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित गौलापार क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक और कलेजा कँपा देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ मानपुर गांव में मंगलवार देर शाम एक ही परिवार के तीन लोगों की पानी के गहरे टैंक में दम घुटने से दर्दनाक मौत हो गई। घर के पास बने पानी के टैंक की शटरिंग (Shuttering) खोलने के दौरान एक-एक कर दो सगे भाई और उन्हें बचाने गई उनकी बुजुर्ग मां टैंक के भीतर काल के गाल में समा गए। शुरुआती विधिक व चिकित्सकीय आशंका जताई जा रही है कि टैंक के अंदर बनी जहरीली गैस या ऑक्सीजन (Oxygen) की भारी कमी के कारण तीनों का दम घुट गया।
एक को बचाने उतरा दूसरा भाई, फिर मां भी उतरी; तीनों ही वापस नहीं आ सके
प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मानपुर निवासी बिष्ट परिवार ने हाल ही में अपने घर के पास पानी का नया भूमिगत टैंक बनवाया था। मंगलवार शाम करीब सात बजे 38 वर्षीय धर्मेंद्र बिष्ट टैंक में लगी लकड़ी और पलाई की शटरिंग खोलने के लिए नीचे उतरे थे। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब धर्मेंद्र बाहर नहीं आए, तो उन्हें देखने और मदद करने के लिए उनका छोटा भाई 34 वर्षीय खुशाल सिंह बिष्ट भी टैंक में नीचे उतर गया, लेकिन वह भी अंदर ही बेहोश हो गया।
दोनों बेटों को काफी देर तक बाहर न आते देख चिंता में डूबी उनकी 59 वर्षीय मां सरस्वती देवी भी बिना सोचे-समझे अपने बच्चों को बचाने के लिए टैंक के अंदर उतर गईं। लेकिन बदकिस्मती से जहरीली गैस के प्रभाव से वे भी बाहर नहीं निकल सकीं और तीनों अंदर ही अचेत अवस्था में पड़े रहे।
यह भी पढ़ें 👉पटेलनगर के कैफे के बाहर ताबड़तोड़ फायरिंग, मिसफायर होने से बची पीजी संचालक की जान; 2 पर मुकदमा दर्ज! 👇
ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत से निकाला बाहर, एसटीएच में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
जब घर के तीनों सदस्यों का काफी देर तक कोई अता-पता नहीं चला, तो परिजनों के रोने-बिलखने पर आसपास के ग्रामीणों ने तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत और सावधानी के साथ तीनों को एक-एक कर टैंक से बाहर निकाला और लहूलुहान/बेहोशी की हालत में तुरंत डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय (STH), हल्द्वानी पहुँचाया।
अस्पताल पहुँचने पर चिकित्सकों ने प्राथमिक स्वास्थ्य जांच के बाद तीनों को मृत घोषित (Brought Dead) कर दिया। एक ही झटके में मां और दो जवान बेटों की मौत की खबर मिलते ही पूरे गांव और बिष्ट परिवार में चीख-पुकार मच गई।
यह भी पढ़ें 👉 नैनीताल में दर्दनाक हादसा: राज्य अतिथि गृह में स्ट्रीट लाइट ठीक करते समय करंट लगने से संविदा बिजली तकनीशियन की मौत! 👇
मूल रूप से ओखलकांडा के कौंता गांव का रहने वाला था परिवार
मृतक परिवार मूल रूप से नैनीताल जिले के दूरस्थ ओखलकांडा विकासखंड के कौंता गांव का निवासी था। धर्मेंद्र बिष्ट प्लंबर (Plumber) का कार्य करके परिवार का पालन-पोषण करते थे, जबकि छोटा भाई खुशाल सिंह एक निजी फैक्ट्री में कार्यरत थे। दोनों भाई अपनी मां के साथ गौलापार के मानपुर गांव में अपना मकान बनाकर रह रहे थे।
यह भी पढ़ें 👉 रोज-रोज के उत्पीड़न से तंग आकर बहू ने ब्लेड से काटा ससुर का प्राइवेट पार्ट, आरोपी महिला पुलिस हिरासत में! 👇
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम मौके पर और अस्पताल पहुँची। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर विधिक पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम जांच के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों की आधिकारिक पुष्टि हो पाएगी।
👉 देवभूमि जन हुंकार व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें
👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ को लाइक करें
👉 यूट्यूब चैनल सब्स्क्राइब करें
