हरिद्वार में दोहरे साधु हत्याकांड का 24 घंटे में खुलासा: मंदिर की गद्दी को लेकर हुआ था खूनी खेल; गड्ढे में गाड़े थे शव, 3 आरोपी दबोचे! 👇
हरिद्वार: हरिद्वार पुलिस ने कप्तान नवनीत सिंह के अनुभवी नेतृत्व में एक बार फिर अपनी कार्यकुशलता और मुस्तैदी का लोहा मनवाया है। पुलिस टीम ने थाना पथरी क्षेत्र के शिवगढ़ स्थित पथरेश्वर महादेव मंदिर में हुए चर्चित दोहरे साधु हत्याकांड का महज 24 घंटे के भीतर सफल खुलासा कर दिया है। मंदिर की गद्दी पर वर्चस्व की जंग में अंजाम दी गई इस खौफनाक वारदात में शामिल 3 हत्यारोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि चौथे फरार आरोपी की तलाश में ताबड़तोड़ दबिशें दी जा रही हैं।
गड्ढे में दबाए गए थे शव, एफएसएल टीम ने जुटाए थे साक्ष्य
घटनाक्रम का खुलासा तब हुआ जब 21 जुलाई 2026 को ग्राम ऐथल (पथरी) निवासी पंकज और उत्तम झा ने थाना पथरी पहुंचकर पुलिस को दो साधुओं की निर्मम हत्या की लिखित शिकायत दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तत्काल ‘भारतीय न्याय संहिता’ (BNS) की धारा 103(1) और 238(ए) के तहत मु.अ.सं. 366/26 दर्ज किया।
सूचना मिलते ही उच्चाधिकारियों के निर्देश पर पुलिस और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम मौके पर पहुंची। जांच में सामने आया कि दोनों साधुओं की हत्या कर उनके शवों को आश्रम के पास ही एक गड्ढे में दबाया गया था। FSL टीम ने मौके से महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए और मंदिर से जुड़े तमाम लोगों से पूछताछ शुरू की।
यह भी पढ़ें 👉 रोज-रोज के उत्पीड़न से तंग आकर बहू ने ब्लेड से काटा ससुर का प्राइवेट पार्ट, आरोपी महिला पुलिस हिरासत में! 👇
पगड़ी पहनाकर गद्दी पर बिठाने से भड़का गुस्सा, सीसीटीवी बंद कर काटा गला
पुलिस की गहन तफ्तीश और खुफिया मुखबिर तंत्र से मिली सटीक सूचना पर 22 जुलाई 2026 को पुलिस टीम ने काठा पीर के जंगल में छापेमारी कर 3 संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया। कड़ाई से पूछताछ करने पर जो खौफनाक सच सामने आया, उसने सभी को हैरान कर दिया:
-
गद्दी का विवाद: मृतक साधु सेवागिरि और पारसगिरी पिछले कुछ समय से शिवगढ़ स्थित मंदिर में रह रहे थे। सेवागिरि और उत्तम गिरि मिलकर आरोपी अखिल गिरि पर दबाव बना रहे थे।
-
देर रात पहनाई पगड़ी: 18 जुलाई की रात मंदिर परिसर में कुल 7 लोग मौजूद थे। देर रात साधु पारसगिरी ने साधु सेवागिरि को हाल के भीतर पगड़ी पहनाकर आधिकारिक रूप से मंदिर की गद्दी का मालिक घोषित कर दिया।
-
प्लानिंग के साथ बंद किए CCTV: सेवागिरि को गद्दी मिलने से बाहर बैठे 4 आरोपी (अखिल गिरि, आशु, राममिलन और एक अन्य) आपे से बाहर हो गए। उन्होंने तुरंत षड्यंत्र रचकर सबसे पहले मंदिर के सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए।
-
पाठल से रेता गला, गड्ढे में गाड़े शव: आरोपियों ने धारदार पाठल से हमला कर हाल के अंदर ही सेवागिरि का गला रेत दिया। इसके बाद पारसगिरी को बाथरूम के फर्श पर पटककर उन पर भी पाठल से वार कर मौत के घाट उतार दिया। हत्या के बाद चारों ने आश्रम के पास गड्ढा खोदकर दोनों शवों को उसमें दबा दिया, खून से सने गद्दे जला दिए और साक्ष्य मिटा दिए।
आरोपियों ने चश्मदीद उत्तम झा को भी जान से मारने की धमकी देते हुए उसका फोन व सिम तोड़कर कहीं दूर भाग जाने को कहा था।
गिरफ्तार किए गए हत्यारोपी:
-
अंकुर उर्फ अखिल गिरि (42 वर्ष), चेला महेश गिरि, निवासी पथरेश्वर महादेव मंदिर, शिवगढ़, थाना पथरी, हरिद्वार।
-
आशु (37 वर्ष), पुत्र देवीचंद सैनी, निवासी इस्माईलपुर, थाना लक्सर, हरिद्वार।
-
राममिलन (38 वर्ष), पुत्र वासवानंद, निवासी गोरसाड़ा (उत्तरकाशी), हाल निवासी करनाल (हरियाणा)।
बरामदगी:
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किए गए दो फावड़े और एक धारदार पाठल बरामद कर लिया है।

