नैनीताल जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल
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लापरवाही पर होगी कार्रवाई: डीएम ने स्पष्ट किया कि यदि जांच में अनियमितता पाई गई तो संबंधित कार्यदायी संस्था और ठेकेदार पर सख्त एक्शन होगा।

नैनीताल (23 जुलाई 2026): जनपद में विकास कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और जन शिकायतों के पारदर्शी निस्तारण के लिए जिला प्रशासन सख्त रुख अपनाए हुए है। जिलाधिकारी (DM) ललित मोहन रयाल ने पीएमजीएसवाई (PMGSY) काठगोदाम खंड के अंतर्गत निर्मित ओखलकांडा क्षेत्र के कौन्ता–ककोड़–हरीशताल मोटर मार्ग की निर्माण गुणवत्ता की गहन जांच के लिए तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया है।

जनप्रतिनिधियों और स्थानीय ग्रामीणों द्वारा उक्त सड़क के निर्माण में घटिया सामग्री और अनियमितताओं की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल स्थलीय निरीक्षण और तकनीकी गुणवत्ता परीक्षण (Quality Test) कराने का फैसला लिया है।

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CDO बने जांच समिति के अध्यक्ष, 3 सप्ताह में सौंपनी होगी रिपोर्ट

जिलाधिकारी द्वारा गठित उच्चस्तरीय जांच समिति का ढांचा इस प्रकार है:

  • मुख्य विकास अधिकारी (CDO), नैनीताल।

  • अधीक्षण अभियंता (SE), लोक निर्माण विभाग (PWD)।

  • अधिशासी अभियंता (EE), सिंचाई विभाग।

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जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने जांच समिति को निर्देशित किया है कि वह कार्यस्थल का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण करे, निर्माण गुणवत्ता का तकनीकी परीक्षण (Laboratory Testing) करे और संबंधित अभिलेखों की पड़ताल कर तीन सप्ताह (21 दिन) के भीतर अपनी स्पष्ट और तथ्यपरक रिपोर्ट सौंपे।

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कार्यदायी संस्था को निर्देश: लापरवाही मिली तो होगी कठोर कार्रवाई

डीएम ने पीएमजीएसवाई काठगोदाम खंड (कार्यदायी संस्था) को निर्देश दिए हैं कि वह जांच समिति के साथ पूर्ण समन्वय स्थापित करे और सभी तकनीकी दस्तावेज व सहयोग तत्काल उपलब्ध कराए।

जिलाधिकारी ने कड़े शब्दों में चेतावनी जारी करते हुए स्पष्ट किया:

“विकास कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि जांच के दौरान निर्माण कार्य में किसी भी स्तर पर अनियमितता, भ्रष्टाचार या लापरवाही उजागर होती है, तो संबंधित अधिकारियों व ठेकेदार के विरुद्ध नियमानुसार कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”


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