देवभूमि जन हुंकार, नानकमत्ता/ऊधम सिंह नगर (07 अगस्त 2026): ऊधम सिंह नगर जनपद में जघन्य अपराधों को अंजाम देने वाले बदमाशों और बेकाबू अपराधियों के खिलाफ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री अजय गणपति के निर्देशन में पुलिस का बेहद सख्त रुख देखने को मिल रहा है। नानकसागर डैम क्षेत्र में युवक के साथ मारपीट, लूट तथा अप्राकृतिक कृत्य की दुस्साहसिक वारदात को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपी को नानकमत्ता पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से गोलियां चलाई थीं, जिसके जवाब में पुलिस की गोली पैर में लगने से वह घायल हो गया।
चेकिंग के दौरान भागने का प्रयास, पुलिस पर झोंका फायर
प्राप्त आधिकारिक विवरण के अनुसार, 06 और 07 अगस्त 2026 की मध्य रात्रि में प्रभारी निरीक्षक संजय पाठक के नेतृत्व में नानकमत्ता पुलिस टीम मुकदमा एफआईआर संख्या 173/2026 में वांछित अभियुक्त गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी (निवासी बेरीघाट, खटीमा) की तलाश में चेकिंग व गश्त पर थी। इसी दौरान मच्छी झाला के समीप डैम बंधे पर एक संदिग्ध बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल सवार को रोकने का प्रयास किया गया। लेकिन अभियुक्त ने रुकने के बजाय पुलिस टीम पर सीधे फायरिंग कर दी और भागने लगा।
पुलिस टीम ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए बदमाश का पीछा किया। लगभग 2 किलोमीटर आगे गलाबाग के पास कच्चे रास्ते में घेराबंदी के दौरान मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर फिसल गई। जिसके बाद अभियुक्त पैदल भागते हुए झाड़ियों की आड़ लेकर पुलिस टीम पर पुनः जान से मारने की नीयत से फायरिंग करने लगा। पुलिस द्वारा बार-बार आत्मसमर्पण की चेतावनी दी गई, लेकिन अभियुक्त लगातार फायर करता रहा। जिस पर आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा नियमानुसार की गई जवाबी कार्रवाई में अभियुक्त के दाहिने पैर में गोली लगी, जिसके बाद पुलिस ने उसे सुरक्षित गिरफ्तार कर तुरंत प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल भेजा।
5 अगस्त के नानकसागर डैम कांड का खौफनाक सच
पुलिस पूछताछ में घायल अभियुक्त गुरप्रीत सिंह (उम्र 30 वर्ष, पुत्र मंजीत सिंह, निवासी बेरीघाट, खटीमा) ने स्वीकार किया कि उसने अपने दो अन्य साथियों—दीपक सिंह (निवासी झनकट) एवं मनोज भाटिया (निवासी बानूसी) के साथ मिलकर बीते 05 अगस्त 2026 को नानकसागर डैम क्षेत्र में एक युवक को अकेला पाकर उसकी बेरहमी से पिटाई की थी, उसका पर्स व नकदी लूटी थी तथा उसके साथ जबरन अप्राकृतिक संबंध बनाए थे।
घटना के बाद से ही वह पुलिस से बचने के लिए लगातार फरार चल रहा था और चेकिंग के दौरान पकड़े जाने के डर से उसने पुलिस टीम पर गोली चलाई थी। पुलिस ने घटना में शामिल दो अन्य आरोपियों (दीपक सिंह व मनोज भाटिया) को पूर्व में ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
बरामदगी एवं कानूनी धाराओं में बढ़ोतरी
पुलिस टीम ने गिरफ्तार अभियुक्त गुरप्रीत सिंह के कब्जे से निम्नलिखित सामग्री बरामद की है:
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अवैध असलहा: 01 अवैध तमंचा .315 बोर, 01 खोखा कारतूस .315 बोर, 01 जीवित कारतूस .315 बोर।
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लूटा गया सामान: 01 भूरे रंग का लूटा हुआ पर्स, ₹1,220 भारतीय मुद्रा, ₹30 नेपाली मुद्रा, 01 एक्सिस बैंक का एटीएम कार्ड, 01 मोबाइल खरीद का बिल, 01 पासपोर्ट साइज फोटो।
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वाहन: 01 हीरो स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल (बिना नंबर प्लेट, घटना में प्रयुक्त)।
अभियुक्त की दुस्साहसिक फायरिंग और बरामदगी के आधार पर दर्ज मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109(1), 317(2), 3(5) तथा 3/25 आर्म्स एक्ट की बढ़ोतरी की गई है।
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