देवभूमि जन हुंकार, ओखलकांडा/नैनीताल (10 अगस्त 2026): नैनीताल जिले के पर्वतीय विकासखंड ओखलकांडा के हरीशताल क्षेत्र में उस समय भारी अफरा-तफरी मच गई, जब ग्रामीण आबादी के बेहद करीब एक अत्यधिक विशालकाय अजगर देखा गया। लगभग 15 फीट लंबे और 55 किलोग्राम से अधिक वजनी इस अजगर ने एक पालतू कुत्ते को अपना निवाला बना लिया था। अत्यधिक भारी शिकार निगलने के कारण अजगर का पेट असामान्य रूप से फूल गया था, जिससे वह हिलने-डुलने में भी असमर्थ हो गया। सूचना मिलने पर पहुंची वन विभाग की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए अजगर को सुरक्षित रेस्क्यू कर आबादी से दूर जंगल में छोड़ दिया।
ओखलकांडा में 15 फीट का विशाल अजगर! कुत्ते को निगलने से मचा हड़कंप! वीडियो के लिए क्लिक करे
कुत्ते को साबुत निगला, मौके पर जुटी ग्रामीणों की भीड़
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हरीशताल गांव के पास से गुजर रहे ग्रामीणों की नज़र अचानक झाड़ियों में पड़े विशाल अजगर पर पड़ी। ग्रामीणों ने देखा कि अजगर के शरीर का काफी हिस्सा कुत्ते को निगलने के कारण फूला हुआ था। कुत्ता अजगर के मुंह और पेट के ऊपरी हिस्से में बुरी तरह फंसा हुआ था। शरीर भारी होने के कारण अजगर कोई प्रतिक्रिया नहीं दे पा रहा था और एक ही स्थान पर सुस्त पड़ा हुआ था।
गांव के इतने समीप विशाल अजगर को देखकर ग्रामीणों के रोंगटे खड़े हो गए। देखते ही देखते मौके पर दर्जनों लोगों का जमावड़ा लग गया। स्थिति को भांपते हुए ग्रामीणों ने इसकी तत्काल सूचना वन विभाग की नजदीकी चौकी और अधिकारियों को दी।
रेंजर नितिन पंत की टीम ने चलाया सफल रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की सूचना प्राप्त होते ही वन क्षेत्र अधिकारी (रेंजर) नितिन पंत के कुशल नेतृत्व में वन विभाग की रेस्क्यू टीम आवश्यक जाल और उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची। वन कर्मियों ने सबसे पहले सुरक्षा घेरा बनाकर उत्सुक ग्रामीणों को अजगर से सुरक्षित दूरी पर रोका।
तत्पश्चात, वन टीम ने प्रशिक्षित तरीके से अजगर को अपने नियंत्रण में लिया और रेस्क्यू अभियान शुरू किया। बचाव प्रक्रिया के दौरान अजगर के मुंह और पेट में फंसे कुत्ते को बाहर निकाला गया, परंतु तब तक दम घुटने से कुत्ते की मौत हो चुकी थी। वन अधिकारियों के अनुसार, रेस्क्यू किए गए अजगर की लंबाई 15 फीट और वजन 55 किलोग्राम से अधिक मापा गया।
मानसून में सतर्कता बरतने की वन विभाग ने की अपील
रेस्क्यू ऑपरेशन सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद वन विभाग की टीम ने अजगर को आबादी वाले क्षेत्र से दूर प्राकृतिक और घने संरक्षित वन क्षेत्र में सुरक्षित छोड़ दिया।
इस घटना के बाद वन विभाग ने मानसून सीजन को देखते हुए स्थानीय निवासियों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों ने बताया कि बारिश के दिनों में जलभराव के कारण सर्प, अजगर व अन्य जंगली जीव अपने प्राकृतिक बिलों से निकलकर सूखे स्थानों व आबादी वाले गांवों की ओर रुख करते हैं। विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि किसी भी वन्यजीव को देखकर घबराएं नहीं और न ही उसे खुद पकड़ने या नुकसान पहुंचाने की कोशिश करें। किसी भी खतरे की स्थिति में तत्काल वन विभाग को सूचित करें ताकि त्वरित रेस्क्यू किया जा सके।
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