
देवभूमि जन हुंकार, नैनीताल/देहरादून: यौन शोषण, जबरन गर्भपात और पॉक्सो (POCSO) के गंभीर आरोपों के चलते जेल में निरुद्ध भवाली व्यापार मंडल के पूर्व अध्यक्ष नरेश पांडे के खिलाफ कानूनी शिकंजा और अधिक कस गया है। पूर्व में एक युवती और एक नाबालिग किशोरी से जुड़े मामलों के बाद अब देहरादून की एक अन्य महिला ने सामने आकर नरेश पांडे पर नौकरी का झांसा देकर दुष्कर्म करने तथा शादी का 18 तोला सोना हड़पने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले में मल्लीताल कोतवाली पुलिस ने त्वरित संज्ञान लेते हुए जीरो एफआईआर दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई हेतु पत्रावली देहरादून स्थानांतरित कर दी है।
देहरादून निवासी पीड़िता ने मल्लीताल कोतवाली पहुंचकर पुलिस को लिखित शिकायती पत्र सौंपा। पीड़िता ने बताया कि वह पूर्व में देहरादून स्थित एक मॉल में नौकरी करती थी। इस दौरान नरेश पांडे अपने निजी अंगरक्षकों (बॉडीगार्ड्स) के साथ वहां खरीदारी करने आया करता था।
बातचीत के दौरान जब महिला ने किसी अच्छी जगह रोजगार दिलाने का आग्रह किया, तो नरेश पांडे ने उसे देहरादून स्थित अपने प्रस्तावित रिजॉर्ट में अच्छी नौकरी दिलाने का झांसा दिया।
शिकायत के अनुसार, कुछ दिनों तक लगातार फोन पर बातचीत करने के बाद नरेश पांडे ने महिला को एक होटल में बुलाया। आरोप है कि वहां नरेश पांडे ने पीड़िता की मजबूरी का फायदा उठाते हुए उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। जब पीड़िता ने नौकरी के बारे में सवाल किया, तो उसने रिजॉर्ट का निर्माण कार्य चलने का बहाना बनाकर मामले को टाल दिया।
इसके बाद आरोपी ने एक और जाल बिछाया। उसने पीड़िता से कहा कि उसका सोना गिरवी रखने का बड़ा कारोबार है और यदि वह अपने गहने उसके पास रखेगी, तो वह उसके बदले हर महीने एक निश्चित रकम (मुनाफा) देगा।
घर की कमजोर आर्थिक स्थिति के चलते पीड़िता झांसे में आ गई और उसने अपनी शादी तथा बाद में खरीदे गए लगभग 18 तोला सोने के जेवरात नरेश पांडे को सौंप दिए। पीड़िता का आरोप है कि गहने लेने के बाद नरेश पांडे ने न तो कोई नौकरी दिलाई और न ही प्रतिमाह कोई रकम दी। उल्टे उसने महिला का फोन उठाना भी बंद कर दिया।
दो माह पूर्व आरोपी ने खुद फोन कर गहने लौटाने का झूठा दिलासा दिया था। हाल ही में जब अखबारों और सोशल मीडिया पर नरेश पांडे की पॉक्सो मामले में गिरफ्तारी की खबर आई, तो पीड़िता को कानून का सहारा लेने की हिम्मत मिली।
इस पूरे मामले पर मल्लीताल कोतवाल राजेंद्र सिंह रावत ने बताया:
“देहरादून निवासी महिला द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर आरोपी नरेश पांडे के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64 (दुष्कर्म) एवं धारा 351 (आपराधिक धमकी) के तहत जीरो एफआईआर पंजीकृत कर ली गई है। चूंकि कथित घटना स्थल देहरादून क्षेत्र का है, इसलिए नियमानुसार अग्रिम विधिक विवेचना और कार्रवाई के लिए केस को देहरादून के संबंधित राजपुरा थाने को हस्तांतरित कर दिया गया है।”
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