देवभूमि जन हुंकार, बाजपुर / रुद्रपुर (ऊधमसिंह नगर): उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जनपद के बाजपुर क्षेत्र में PWD (लोक निर्माण विभाग) के सहायक इंजीनियर के साथ हुए कथित मारपीट और विवाद के मामले में अब एक बहुत बड़ी राहत भरी खबर सामने आ रही है। दोनों पक्षों के बीच उपजा गतिरोध अब बातचीत और आपसी सहमति के जरिए पूरी तरह समाप्त हो गया है। जिले के प्रशासनिक अधिकारियों की पहल पर इस पूरे विवाद का आधिकारिक समझौता और पटाक्षेप हो गया है।
‘समझौता एक्सप्रेस’ बने अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय
प्राप्त विवरण के अनुसार, 6 सितंबर को बाजपुर के लेखराज पुल के पास PWD के AE राजीव गौड़ के साथ कथित मारपीट की घटना सामने आई थी। इस घटना के बाद से प्रदेशभर के PWD इंजीनियरों और तकनीकी कर्मचारियों में भारी रोष और नाराजगी व्याप्त थी। विभागीय स्तर पर सुरक्षा और कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर लगातार मंथन चल रहा था।
इसी तनावपूर्ण माहौल के बीच ऊधमसिंह नगर के अपर जिलाधिकारी (ADM) पंकज उपाध्याय ‘समझौता एक्सप्रेस’ के रूप में सामने आए। उनकी सक्रिय मौजूदगी और कुशल प्रशासनिक मध्यस्थता में रुद्रपुर स्थित कार्यालय में दोनों पक्षों की एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें सभी संबंधित पक्ष आमने-सामने बैठे।
पूर्व दर्जा मंत्री राजेश कुमार ने जताया खेद
रुद्रपुर में हुई इस बैठक के दौरान पूर्व दर्जा राज्य मंत्री एवं बीजेपी नेता राजेश कुमार ने लेखराज पुल पर घटी पूरी घटना पर गहरा खेद जताया। बैठक में राजेश कुमार के साथ-साथ हरेंद्र, प्रिंस और सोहेल के नाम भी हस्ताक्षरकर्ताओं के रूप में दर्ज किए गए, जिन्होंने मिलकर इस अप्रेंट घटना पर अपनी और से खेद प्रकट किया।
बैठक में अपनी बात रखते हुए राजेश कुमार ने उत्तराखंड में मौजूदा आपदा की स्थिति का विशेष हवाला दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में पर्वतीय क्षेत्रों और मैदानी इलाकों में बाढ़ तथा प्राकृतिक आपदाओं के कारण बड़ी संख्या में आम लोग प्रभावित हुए हैं। ऐसे कठिन और चुनौतीभरे समय में सरकारी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की जनसेवा की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है। उन्होंने जनहित और प्रदेश हित को सर्वोपरि रखते हुए सभी PWD इंजीनियरों और कर्मचारियों से अपनी जिम्मेदारियां पूरी निष्ठा से निभाने और तत्काल काम पर लौटने की अपील की।
विवाद का हुआ पटाक्षेप, आगे की कार्रवाई पर टिकी नजरें
ADM पंकज उपाध्याय की मौजूदगी और मध्यस्थता के बाद दोनों पक्षों के बीच बनी इस सहमति से PWD इंजीनियरों की नाराजगी दूर हो गई है और विवाद का पूरी तरह पटाक्षेप हो चुका है।
हालांकि, एक सरकारी अधिकारी के साथ शासकीय ड्यूटी के दौरान कथित मारपीट जैसे गंभीर कानूनी मामले में इस प्रकार आपसी समझौते के बाद पुलिस और न्यायपालिका स्तर पर आगे की विधिक कार्रवाई क्या मोड़ लेती है, इस पर प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों की पैनी नजरें टिकी हुई हैं।
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