देवभूमि जन हुंकार, बागेश्वर / हल्द्वानी / देहरादून: उत्तराखंड के बागेश्वर जनपद से शिक्षा विभाग और शासन व्यवस्था को झकझोर देने वाला एक बहुत बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। जिले के प्राथमिक विद्यालयों में फर्जी और कूटरचित शैक्षिक दस्तावेजों के सहारे लंबे समय से शिक्षक के रूप में नौकरी कर रहे दस शिक्षकों के खिलाफ शिक्षा विभाग ने हंटर चलाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। रामनगर बोर्ड से कराए गए दस्तावेजों के आधिकारिक सत्यापन में इन सभी शिक्षकों के प्रमाण पत्र पूरी तरह फर्जी पाए गए, जिसके बाद विभाग ने बिना किसी देरी के सभी की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं।
यह भी पढ़ें डंपर से टकराई स्कॉर्पियो, 4 महीने पहले हुई थी शादी
प्राप्त आधिकारिक विवरण के अनुसार, इन सभी आरोपी शिक्षकों की नियुक्ति प्राथमिक विद्यालयों में इसी साल जनवरी 2026 में हुई थी। विद्यालयी शिक्षण कार्य संभालने के बाद जब विभागीय सत्यापन प्रक्रिया के तहत इनके शैक्षिक प्रमाणपत्रों की असलियत जानने के लिए रामनगर बोर्ड से जांच कराई गई, तो एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे हुए।
जांच रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि सभी दस शिक्षकों द्वारा प्रस्तुत किए गए अंकपत्र व प्रमाण पत्र कूटरचित और फर्जी हैं। इसके बाद शिक्षा विभाग ने त्वरित और सख्त कदम उठाते हुए उनकी सेवाएं समाप्त कर दीं। हैरानी की बात यह है कि ये शिक्षक पिछले लगभग आठ महीनों से विभाग से हर महीने नियमित रूप से अपना वेतन (सैलरी) भी प्राप्त कर चुके थे।
बागेश्वर के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक) आशाराम ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि विभागीय सत्यापन के दौरान शिक्षकों के प्रमाणपत्र फर्जी पाए जाने की रिपोर्ट प्राप्त हुई थी। रिपोर्ट मिलते ही नियमों के तहत तत्काल प्रभाव से सेवा समाप्ति की कार्रवाई अमल में लाई गई है।
फर्जीवाड़े के आरोप में जिन 10 शिक्षकों की सेवाएं समाप्त की गई हैं, उनके नाम और तैनाती स्थल निम्नलिखित हैं:
-
कमला देवी (राप्रावि सरसोला, कांडा)
-
चंद्र प्रकाश (राप्रावि रीमा वर्कटी, कपकोट)
-
रजनी (राप्रावि उछात, बागेश्वर)
-
लक्ष्मी आर्या (राप्रावि स्यालडुंगा, कपकोट)
-
रोहित कुमार (राप्रावि चनोस चनूसी, कपकोट)
-
नेहा (राप्रावि नरगोली, कांडा)
-
संजय कुमार (राप्रावि टेली, कपकोट)
-
अरविंद कुमार (राप्रावि जलमानी, कपकोट)
-
पंकज कुमार (राप्रावि सुंदिल, बागेश्वर)
-
प्रियंका (राप्रावि डुंगियारी जगथाना, कपकोट)
शिक्षा विभाग के इस बड़े एक्शन से पूरे जिले के शैक्षणिक महकमे में हड़कंप मच गया है। शिक्षा अधिकारियों का कहना है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हासिल करने वाले अन्य लोगों की भी फाइलों की जांच की जा रही है, और इस प्रकार के कृत्यों में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
देवभूमि जन हुंकार व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें
फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ को लाइक करें



