देवभूमि जन हुंकार, ग्वालियर / भोपाल / नई दिल्ली: देश के मध्य प्रदेश राज्य से एक बेहद दिल दहला देने वाली और दुखद सड़क दुर्घटना सामने आ रही है। मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक शहर ग्वालियर में स्थित शीतला माता मंदिर के पास शनिवार देर रात एक तेज रफ्तार और अनियंत्रित ट्रक काल बनकर सड़क पर चल रहे श्रद्धालुओं पर टूट पड़ा। इस भीषण हादसे में कम से कम 12 निर्दोष लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। इस हृदयविदारक घटना से पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है और शोक की लहर दौड़ गई है।
रात डेढ़ बजे छिनोर रोड पर हुआ हादसा, नवरात्रि दर्शन के लिए जा रहे थे श्रद्धालु
स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से प्राप्त विस्तृत विवरण के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा शनिवार और रविवार की दरमियानी रात लगभग 1:30 बजे छिनोर की तरफ से आने वाली सड़क पर हुआ। वर्तमान में शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व चल रहा है, जिसके चलते शीतला माता मंदिर में दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में दूर-दूर से श्रद्धालु और भक्तगण पैदल व वाहनों से पहुँच रहे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के मुताबिक, छिनोर की ओर वाली यह सड़क एक खड़ी ढलान वाली सड़क है, जिस पर सुरक्षा और दुर्घटनाओं को रोकने के लिहाज से भारी वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। इसके बावजूद नियमों को ताक पर रखकर धान से लदा हुआ एक भारी ओवरलोड ट्रक उस मार्ग पर आ पहुँचा।
पुलिस बैरिकेड्स तोड़कर बेकाबू हुआ धान से लदा ओवरलोड ट्रक
ग्वालियर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) धर्मवीर सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि धान से लदा हुआ वह ट्रक अचानक नियंत्रण से बाहर हो गया और रास्ते में लगे पुलिस बैरिकेड्स को तोड़ते हुए नीचे की ओर तेजी से आया। अनियंत्रित ट्रक सीधे मंदिर की बाहरी दीवार और मुख्य गेट से जा टकराया।
इस दौरान सड़क पर मौजूद तमाम श्रद्धालु और राहगीर उसकी चपेट में आ गए। हादसे की विभीषणता इतनी अधिक थी कि मौके पर ही कई लोगों की साँसे थम गईं। राहत और बचाव कार्य में जुटे सुरक्षाकर्मियों में शामिल दो पुलिसकर्मी भी इस दुर्घटना में घायल हुए हैं।
39 लोग पहुँचाए गए अस्पताल, 12 की मौत की पुष्टि
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। कलेक्टर रुचिका चौहान और एसएसपी तुरंत भारी पुलिस बल और एम्बुलेंस के साथ मौके पर पहुँचे। कलेक्टर रुचिका चौहान ने मीडिया को अवगत कराया कि सूचना मिलते ही तुरंत एम्बुलेंस और अन्य बचाव वाहन मौके पर रवाना किए गए।
अब तक कुल 39 लोगों को अस्पतालों में पहुँचाया गया है, जिनमें से 12 लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है। घायलों में से 5 से 6 मरीजों की हालत बेहद नाजुक और गंभीर बनी हुई है, जिन्हें गंभीर फ्रैक्चर आए हैं, जबकि अन्य करीब 29 लोगों को विभिन्न प्रकार की मामूली व मध्यम चोटें आई हैं। घायलों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में युद्धस्तर पर जारी है।
प्रतिबंधित मार्ग पर कैसे पहुँचा ट्रक? आरटीओ टीम कर रही मैकेनिकल जाँच
इस भयानक हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब नवरात्रि के दौरान उस सड़क पर बाकायदा स्टॉपर और पुलिस चेक-पॉइंट मौजूद था, तब इतना भारी और धान से लदा ओवरलोड ट्रक अंदर कैसे प्रवेश कर गया।
कलेक्टर रुचिका चौहान ने स्पष्ट किया है कि यह एक गंभीर जाँच का विषय है कि किन परिस्थितियों में भारी वाहनों के प्रतिबंध की अनदेखी की गई। ट्रक की तकनीकी स्थिति और ब्रेक फेल होने या अन्य कारणों की मैकेनिकल जाँच के लिए आरटीओ (RTO) की विशेष टीम को घटनास्थल पर भेज दिया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस लापरवाही के पीछे कौन जिम्मेदार है। इस दुर्घटना ने एक बार फिर पर्वों के दौरान ट्रैफिक प्रबंधन और भारी वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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