देवभूमि जन हुंकार, काशीपुर / रुद्रपुर / देहरादून: देवभूमि उत्तराखंड की आंतरिक सुरक्षा और डिजिटल स्पेस को सुरक्षित रखने के लिए विशेष कार्य बल (उत्तराखंड STF) ने तकनीकी और खुफिया तंत्र का जाल बिछाते हुए एक बहुत ही बड़े अवैध टेलीकॉम रैकेट का पर्दाफाश किया है। एसटीएफ की साइबर क्राइम कुमाऊँ यूनिट ने दूरसंचार विभाग के साथ मिलकर जनपद ऊधमसिंह नगर के काशीपुर क्षेत्र में एक किराए के कार्यालय में चल रहे संदिग्ध अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर और डिजिटल एक्सचेंज का भंडाफोड़ करते हुए एक शातिर तस्कर को धर दबोचा है। इस कार्रवाई से साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क में हड़कंप मच गया है।
NS Enterprise की आड़ में चल रहा था संदिग्ध टेलीकॉम सेटअप, ILD गेटवे का हो रहा था बाईपास
प्राप्त आधिकारिक विवरण के अनुसार, माननीय मुख्यमंत्री उत्तराखंड के निर्देशों तथा पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ की कार्ययोजना के अनुपालन में, आईजी एसटीएफ नीलेश आनन्द भरणे और एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह के पर्यवेक्षण में यह ऑपरेशन चलाया गया। साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन कुमाऊँ परिक्षेत्र (रुद्रपुर) की टीम को एक सटीक तकनीकी इनपुट मिला था कि काशीपुर क्षेत्र में ‘NS Enterprise’ नाम से एक संदिग्ध टेलीकॉम सेटअप संचालित किया जा रहा है।
सूचना की गंभीरता को देखते हुए एसटीएफ और दूरसंचार विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुँचकर जब तकनीकी जाँच और निरीक्षण किया, तो वहाँ चल रहे काले कारोबार की परतें खुल गईं। जाँच में सामने आया कि इस सेटअप पर SIP (Session Initiation Protocol) कनेक्शन के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय कॉल्स (ILD गेटवे) को अवैध रूप से बाईपास किया जा रहा था। इसके अलावा सॉफ्टवेयर की मदद से बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के रोबो कॉलिंग (ऑटोमेटेड कॉलिंग) की जा रही थी। दूरसंचार विभाग के इनपुट के मुताबिक, इस अवैध सेटअप के जरिए महज 21 दिनों के भीतर 45,453 आउटगोइंग कॉल्स की जानी प्रकाश में आई हैं।
Linux वर्चुअल मशीन, FreePBX और हाई-टेक नेटवर्किंग डिवाइस बरामद
मौके पर उपलब्ध कंप्यूटर सिस्टम और सर्वर की तकनीकी जाँच के दौरान एसटीएफ को कई चौंकाने वाले डिजिटल साक्ष्य मिले:
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कंप्यूटर सिस्टम में Linux आधारित वर्चुअल मशीन और FreePBX लॉगिन पाया गया।
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सिस्टम के भीतर रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर, SSH क्लाइंट और व्हाट्सएप वेब से जुड़े डिजिटल लॉग्स मिले।
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व्हाट्सएप चैट की जाँच करने पर SIP ट्रंक, SIP केबल और इंटरनेट कनेक्शन से संबंधित महत्वपूर्ण बातचीत बरामद हुई, जिसे सुरक्षित कर लिया गया है।
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बरामद उपकरणों में 01 कंप्यूटर, 03 जियो राउटर, 01 एयरटेल राउटर, SETU VTEP उपकरण, पेनड्राइव, मोबाइल फोन और अन्य नेटवर्किंग डिवाइस शामिल हैं।
इस मामले में पुलिस ने मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले आरोपी नईमुद्दीन पुत्र जाहिद हुसैन (निवासी मनकुआ मकसूदपुर, थाना डिलारी, मुरादाबाद) को गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन रुद्रपुर में BNS की धारा 318(4), 61(2), IT Act की धारा 66(C), 66(D) तथा दूरसंचार अधिनियम, 2023 की धारा 42(1), 42(3) के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है।
एक महीने में STF ने पकड़े 3 अवैध टेलीकॉम सेटअप
एसटीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि उत्तराखंड एसटीएफ द्वारा पिछले एक महीने की अवधि के भीतर सिम बॉक्स और अवैध टेलीकॉम सेटअप से संबंधित 3 अभियोग पंजीकृत कर कुल 4 शातिर अभियुक्तों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। पकड़े गए आरोपी के अन्य सहयोगियों और इस नेटवर्क से जुड़े विदेशी या स्थानीय मास्टरमाइंड्स की तलाश के लिए डिजिटल साक्ष्यों का तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है।
एसआईटी और एसटीएफ ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी प्रकार की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या [https://cybercrime.gov.in](https://cybercrime.gov.in) पर शिकायत दर्ज कराएं।
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