देवभूमि जन हुंकार, नैनीताल: देवभूमि उत्तराखंड के पर्यटन नगरी नैनीताल में जिला विकास प्राधिकरण और विभिन्न प्रशासनिक विभागों की कार्यप्रणाली को पटरी पर लाने के लिए शासन स्तर पर सख्त रुख अख्तियार कर लिया गया है। आवास सलाहकार परिषद की उपाध्यक्ष एवं राज्यमंत्री भावना मेहरा ने शुक्रवार को नैनीताल स्थित जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण सभागार में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक के दौरान राज्यमंत्री के कड़े तेवर देखने को मिले, जहाँ उन्होंने न केवल विकास कार्यों की सुस्त चाल पर नाराजगी जताई, बल्कि बैठक से बिना सूचना गायब रहने वाले अधिकारियों को मौके से ही फोन करवाकर कड़ी फटकार भी लगाई।
“प्राधिकरण का उद्देश्य जनता को परेशान करना नहीं, समस्याओं का समाधान करना है”— भावना मेहरा
समीक्षा बैठक के दौरान राज्यमंत्री भावना मेहरा ने प्राधिकरण और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को बहुत ही स्पष्ट और दो टूक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य आम जनता को अनावश्यक रूप से परेशान करना कतई नहीं है, बल्कि उनकी आवासीय एवं अन्य समस्याओं का त्वरित समाधान करना और क्षेत्र में सुव्यवस्थित निर्माण को बढ़ावा देना है।
राज्यमंत्री ने अधिकारियों को नसीहत दी कि वे आम जनता के साथ पूरी तरह से सहयोगात्मक और संवेदनशील व्यवहार रखें। किसी भी नागरिक को अपने वैध कार्य के लिए कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न काटने पड़ें, यह हर अधिकारी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अधिकारी केवल फाइलों तक सीमित न रहें, बल्कि मौके पर जाकर खुद विकास कार्यों का धरातलीय निरीक्षण करें ताकि किसी भी स्तर पर आमजन को असुविधा का सामना न करना पड़े।
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बैठक से अनुपस्थित अधिकारियों पर फूटा गुस्सा, कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश
बैठक की गरिमा और गंभीरता को दरकिनार कर अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों पर राज्यमंत्री का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने मंच से ही संबंधित नदारद अधिकारियों को फोन लगवाया और उन्हें कड़ी फटकार लगाते हुए भविष्य के लिए चेतावनी दी तथा उनकी जवाबदेही (Accountability) तय करने के सख्त निर्देश दिए।
इसके साथ ही, नैनीताल जिले में प्राधिकरण के अंतर्गत संचालित विभिन्न विकास कार्यों और निर्माण परियोजनाओं में शिथिलता (ढिलाई) पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी करने के आदेश भी पारित किए गए।
मानचित्र स्वीकृति के नियमों में शिथिलीकरण के निर्देश, जनता को मिलेगी राहत
जनता को बड़ी राहत देते हुए राज्यमंत्री ने जनपद की नगरपालिकाओं एवं नगर निगम क्षेत्रों में आवंटित आवासों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने जिला पंचायत एवं नगर पालिका क्षेत्रों में आवासीय भवनों के मानचित्रों की स्वीकृति (Map Approval) के दौरान आने वाली अड़चनों को दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मार्गों की चौड़ाई (Width of Roads) से संबंधित नियमों में आवश्यक शिथिलीकरण किया जाए ताकि आम जनता को नियमों की जटिलता के कारण होने वाली परेशानियों से राहत मिल सके और वे सरलता से अपने भवनों के नक्शा पास करा सकें।
बैठक के अंत में उन्होंने चेतावनी दी कि कार्यप्रणाली में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनावश्यक देरी और जनसमस्याओं की अनदेखी को अब कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक से पूर्व कार्यालय पहुँचने पर अधिकारियों, भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा राज्यमंत्री का जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान मण्डल अध्यक्ष नितिन कार्की, दया किशन पोखरिया, मनोज भट्ट, हरीश राणा, प्रदीप बिष्ट, डी एस ए महासचिव मनोज जोशी, पूर्व पालिकाध्यक्ष संजय वर्मा, सभासद लता दफौटी, गजाला कमाल, संतोष साह, शिवांशु जोशी, अखिलेश सेमवाल, मोहित लाल साह, आशुतोष चंदोला, अर्पण जैन, शुभम कुमार, पूरन चंद्र जोशी, कमलेश रावत, उज्ज्वल चंद्रा, नीतू जोशी, रचना मेहरा, मीनाक्षी आर्य सहित सहायक अभियंता अभिषेक कुमार, शिवम धीमान, अधिशासी अभियंता एस.के. सहगल, जिला पर्यटन अधिकारी कीर्ति चंद्र आर्य, प्रोजेक्ट ऑफिसर चांदनी बंसल तथा नगर निगम, जिला पंचायत, नगरपालिका, पर्यटन, विद्युत, उरेडा और लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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