देवभूमि जन हुंकार, हल्द्वानी / नैनीताल। सोचिए, आप एक छोटी-सी दुकान चलाते हों, रोजाना ग्राहकों को लस्सी पिलाकर परिवार का गुजारा करते हों और एक दिन आपके हाथ में बिजली का बिल आए। बिल खोलते ही आंखें फटी की फटी रह जाएं, क्योंकि उसमें हजारों नहीं, लाखों नहीं, बल्कि पूरे 65 लाख 40 हजार रुपये की रकम लिखी हो! जी हां, हल्द्वानी में कुछ ऐसा ही हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। शहर के मटर गली बाजार में लस्सी की दुकान चलाने वाले एक व्यापारी के यहां बिजली विभाग का ऐसा बिल पहुंचा कि पूरा परिवार सकते में आ गया। अब सवाल यह है कि आखिर एक छोटी-सी लस्सी की दुकान ने एक महीने में इतनी बिजली कैसे फूंक दी? या फिर स्मार्ट मीटर ने ही कोई ऐसा ‘खेल’ कर दिया कि बिल देखकर अच्छे-अच्छों का पसीना छूट जाए?
लस्सी बेचने वाली दुकान पर 65.40 लाख का बिजली बिल, परिवार के उड़े होश!
मामला हल्द्वानी के व्यस्त मटर गली बाजार का है, जहां जसवीर सिंह ‘जस्सी दी लस्सी’ के नाम से अपनी दुकान संचालित करते हैं। यहां तक सब कुछ सामान्य था, लेकिन जब एक महीने की बिजली खपत का बिल आया तो परिवार के सामने ऐसा आंकड़ा था, जिस पर यकीन करना मुश्किल हो गया।
व्यापारी के बेटे जसपाल सिंह के मुताबिक, बिजली विभाग की ओर से भेजे गए बिल में 65 लाख 40 हजार रुपये की धनराशि दर्ज है। इतनी बड़ी रकम देखकर परिवार के होश उड़ गए। जिस दुकान में रोजाना लस्सी बेचकर कारोबार चलता है, वहां एक महीने का बिजली बिल करोड़ों के कारोबार वाली यूनिट जैसा दिखाई देने लगा।
परिवार का कहना है कि वे हमेशा समय पर बिजली बिल जमा करते आए हैं। इसके बावजूद अचानक इतनी बड़ी रकम का बिल आना किसी बड़े झटके से कम नहीं है।
स्मार्ट मीटर लगने के बाद आया लाखों का बिल, उठने लगे सवाल!
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि व्यापारी परिवार का कहना है कि दुकान में स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद यह भारी-भरकम बिल सामने आया है।
अब लोगों के मन में सवाल उठने लगे हैं कि क्या स्मार्ट मीटर में कोई तकनीकी गड़बड़ी हुई है? क्या मीटर की रीडिंग में कोई त्रुटि है या फिर बिलिंग सिस्टम में कोई बड़ी चूक हुई है?
हालांकि, अभी तक बिजली विभाग की ओर से बिल की गड़बड़ी की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं की गई है। ऐसे में जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि 65 लाख 40 हजार रुपये का यह आंकड़ा आखिर बिल में कैसे पहुंचा।
व्यापारी के बेटे ने किया फोन, व्यापारी एसोसिएशन ने संभाला मोर्चा
बिजली बिल का यह मामला सामने आने के बाद जसपाल सिंह ने बुधवार सुबह व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष दलजीत सिंह दल्ली को फोन कर पूरी परेशानी बताई।
मामले की जानकारी मिलते ही व्यापारी एसोसिएशन सक्रिय हो गई। अध्यक्ष दलजीत सिंह दल्ली ने सबसे पहले बिजली विभाग के स्थानीय जेई साकेब से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।
इसके बाद अध्यक्ष दलजीत सिंह दल्ली और महामंत्री अतुल कुमार गुप्ता ने मामले को उच्च अधिकारियों के सामने उठाया। उन्होंने बिजली विभाग के महाप्रबंधक (GM), एसडीओ (SDO) और जेई समेत संबंधित अधिकारियों से हस्तक्षेप कर इस मामले की जांच कराने की मांग की।
व्यापारी एसोसिएशन का सवाल: आखिर इतनी बड़ी रकम का बिल कैसे बना?
व्यापारी एसोसिएशन ने इस मामले को गंभीर बताते हुए बिजली विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि यदि बिल में तकनीकी या रीडिंग संबंधी त्रुटि है तो उसे तत्काल ठीक किया जाना चाहिए, ताकि किसी आम व्यापारी को अनावश्यक मानसिक और आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
एसोसिएशन ने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराने और वास्तविक बिजली खपत के आधार पर संशोधित बिल जारी करने की मांग उठाई है।
अब बिजली विभाग की जांच पर टिकी निगाहें!
फिलहाल इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि एक छोटी-सी लस्सी की दुकान का एक महीने का बिजली बिल आखिर 65 लाख 40 हजार रुपये कैसे पहुंच गया? क्या यह स्मार्ट मीटर की तकनीकी खामी है या बिलिंग सिस्टम की कोई बड़ी चूक?
व्यापारी परिवार को अब बिजली विभाग की जांच और संशोधित बिल का इंतजार है। देखना होगा कि विभाग इस हैरान कर देने वाले मामले में कितनी जल्दी कार्रवाई करता है।
एक बात तो तय है— हल्द्वानी में इस बिजली बिल ने लस्सी की मिठास के बीच ऐसा करंट दौड़ाया है कि अब हर कोई पूछ रहा है, आखिर मीटर में ऐसा क्या हुआ?
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