🚨 पिथौरागढ़ : 5 साल की मासूम से दरिंदगी करने वाला ‘सीरियल रेपिस्ट’ होशियार सिंह गिरफ्तार
हरिद्वार जेल से छूटते ही दोबारा किया खौफनाक कांड, जानिए पूरा मामला… 👇
पिथौरागढ़:सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के कोतवाली क्षेत्र में एक 5 वर्षीय मासूम बच्ची के अपहरण और उसके साथ हुई हैवानियत (दुष्कर्म) के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस अधीक्षक (SP) पिथौरागढ़ के कुशल नेतृत्व में गठित स्पेशल टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद इस रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात को अंजाम देने वाले शातिर दरिंदे को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़ा गया आरोपी ‘होशियार सिंह’ एक आदतन अपराधी और सीरियल रेपिस्ट है, जो पूर्व में भी पोक्सो (POCSO) एक्ट के तहत जेल जा चुका है और हाल ही में हरिद्वार जेल से छूटकर बाहर आया था। इस हैवानियत की घटना से स्थानीय जनता में भारी रोष व्याप्त था, जिसे देखते हुए पुलिस ने मामले में मृत्युदंड तक की सख्त विधिक धाराएं लगा दी हैं।
प्राप्त विधिक जानकारी के अनुसार, बीती 23 जून 2026 को कोतवाली पिथौरागढ़ में एक पीड़ित पिता ने तहरीर दी कि उनकी 5 वर्षीय मासूम पुत्री दोपहर करीब 13:00 बजे से अचानक लापता हो गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल अज्ञात के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 140(3) के तहत अपहरण का विधिक मुकदमा दर्ज किया। कूटनीतिक/विधिक व्यवस्था के तहत केस की विवेचना उपनिरीक्षक बबीता टम्टा और उनके सहयोगी उपनिरीक्षक प्रियंका मौनी को सौंपी गई।
CCTV फुटेज से खुला राज, 8 घंटे में बरामद हुई मासूम
मासूम की तलाश के लिए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर तुरंत 04 अलग-अलग टीमों का गठन किया गया। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए कस्बा क्षेत्र के लगभग 20-25 सरकारी और निजी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले, जिसमें एक अज्ञात संदिग्ध व्यक्ति मासूम बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाता हुआ दिखाई दिया। पुलिस ने बिना वक्त गंवाए अथक पीछा करते हुए गुमशुदगी दर्ज होने के महज 08 घंटे के भीतर मासूम बालिका को टनकपुर तिराहे के पास से सकुशल बरामद कर लिया।
संवेदनशीलता को देखते हुए पीड़िता की विधिक काउंसिलिंग और डॉक्टरों के पैनल से गहन मेडिकल जांच कराई गई। मेडिकल परीक्षण की रिपोर्ट में मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म होने की विधिक पुष्टि हुई, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल मुकदमे में धारा 65(2), 115(2), 137(2), 351(3) बीएनएस (BNS) और 5/6 पोक्सो (POCSO) एक्ट की भारी विधिक वृद्धि कर दी।
हरिद्वार जेल से छूटकर आया था बाहर, पहले 11 साल के बालक से की थी दरिंदगी
दरिंदे की पहचान और गिरफ्तारी के लिए फील्ड वर्क टीमों ने क्षेत्र के 50-60 और सीसीटीवी कैमरों का बारीकी से विधिक विश्लेषण किया। अंततः आरोपी की पहचान होशियार सिंह (उम्र 35 वर्ष), निवासी रई धनौड़ा, पिथौरागढ़ के रूप में हुई। मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर पुलिस टीम ने 25 जून 2026 की रात 00:15 बजे अभियुक्त होशियार सिंह को पुनेड़ी महर रोड स्थित बैंड के पास से घेराबंदी कर दबोच लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपना विधिक गुनाह कबूल कर लिया है।
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पुलिस जांच में जो सबसे खौफनाक सच सामने आया, वह आरोपी का आपराधिक इतिहास है। आरोपी होशियार सिंह इससे पहले वर्ष 2022 में पिथौरागढ़ कोतवाली से ही एक 11 वर्षीय नाबालिग बालक का अपहरण और यौन उत्पीड़न (Kidnapping and Sexual Assault) करने के मामले में जेल जा चुका था। उस मामले में उसे 6 जून 2024 को न्यायालय द्वारा धारा 363 आईपीसी में 7 वर्ष और पोक्सो एक्ट में 5 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई थी। वह पिथौरागढ़ लॉकअप, अल्मोड़ा जेल, सितारगंज जेल और हरिद्वार जिला कारागार में बंद रहा था, लेकिन हाल ही में वह हरिद्वार जेल से निजी बंधपत्र पर रिहा होकर बाहर आया था और बाहर आते ही उसने फिर से 5 साल की बच्ची को अपनी दरिंदगी का शिकार बना डाला।
फांसी या अंतिम सांस तक जेल में रहने का विधिक प्रावधान
पुलिस अधीक्षक पिथौरागढ़ ने स्पष्ट किया है कि अभियुक्त होशियार सिंह द्वारा कारित इस घिनौने कृत्य के लिए नए कानून की धारा 65(2) बीएनएस तथा 5/6 पोक्सो एक्ट के तहत विधिक रूप से आजीवन कारावास (जिसका तात्पर्य शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक जेल में सड़ना है) अथवा सीधे मृत्युदंड (फांसी की सजा) का कड़ा प्रावधान है। पुलिस प्रशासन ने पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया है कि इस खूंखार अपराधी को विधिक रूप से कड़ी से कड़ी सजा दिलाने हेतु माननीय न्यायालय में बेहद प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाएगी।





