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उत्तराखंड: जसपुर में नाबालिग से दरिंदगी और हत्या, आक्रोशित ग्रामीणों का हाईवे जाम

मासूम के शरीर पर बर्बरता के निशान, हाथ टूटा और चाकू से वार; परिजनों और ग्रामीणों ने किया हाईवे जाम

उधम सिंह नगर, उत्तराखंड: उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के जसपुर में एक चौंकाने वाली और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ प्रसाद लेने गई 14 वर्षीय एक बच्ची की बेरहमी से हत्या कर दी गई। उसका शव घर से महज 50 मीटर दूर एक गन्ने के खेत में मिला, जिस पर गंभीर चोटों के निशान थे।

मंगलवार को दोपहर करीब 2:30 बजे कक्षा आठ में पढ़ने वाली यह बच्ची धार्मिक स्थल पर प्रसाद लेने के लिए घर से निकली थी। जब वह शाम 4 बजे तक वापस नहीं लौटी, तो परिवार और ग्रामीणों ने उसकी तलाश शुरू की। इसी दौरान एक ग्रामीण ने गन्ने के खेत में बच्ची का शव पड़े होने की सूचना दी। पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची और शव को जसपुर के सरकारी अस्पताल ले गई।

अस्पताल में हुए प्रारंभिक निरीक्षण में पता चला कि बच्ची के शरीर पर धारदार हथियार से कई वार किए गए थे। उसके निजी अंगों से खून बह रहा था, मुँह से झाग निकल रहा था, और उसका हाथ भी टूटा हुआ था। इन गंभीर चोटों को देखते हुए पुलिस और स्थानीय विधायक ने बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका जताई है।

इस जघन्य वारदात के बाद पूरे इलाके में भारी आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों ने हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी की माँग करते हुए अस्पताल से बच्ची का शव उठाने से इनकार कर दिया। उनका गुस्सा इस बात को लेकर भी था कि 25 दिन पहले बच्ची के चचेरे भाई पर भी चाकू से हमला हुआ था, जिसकी शिकायत के बाद भी पुलिस ने हमलावरों को गिरफ्तार नहीं किया था।

विरोध के तौर पर, ग्रामीणों ने जसपुर में हाईवे को जाम कर दिया। स्थिति को संभालने के लिए विधायक आदेश चौहान, भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज पाल और किसान नेता सुरजीत ढिल्लो ने मौके पर पहुँचकर ग्रामीणों को शांत किया। उनके आश्वासन के बाद ही ग्रामीण पोस्टमार्टम के लिए शव को काशीपुर ले जाने को तैयार हुए।

यह घटना उस परिवार के लिए एक और बड़ा आघात है, जो पहले से ही मुश्किलों का सामना कर रहा था। बच्ची, जो अपने परिवार में सबसे बड़ी थी, अपने दो छोटे भाइयों और एक बहन के साथ रहती थी। उसके पिता एनडीपीएस मामले में अल्मोड़ा जेल में बंद हैं, और माँ मजदूरी करके परिवार का गुजारा चला रही थी। हंगामे के दौरान, ग्रामीणों ने प्रशासन से बच्ची के पिता को अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए रिहा करने की भी मांग की।

एएसपी अभय प्रताप और विधायक आदेश चौहान ने परिवार और ग्रामीणों को दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ने और न्याय सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया है। फिलहाल, पुलिस मामले की गहन जाँच कर रही है।


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