किच्छा में गेहूँ खरीद के नाम पर 2.5 करोड़ की धोखाधड़ीकिच्छा में गेहूँ खरीद के नाम पर 2.5 करोड़ की धोखाधड़ी
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किच्छा में गेहूँ खरीद के नाम पर महाघोटाला: फर्जी स्टांप और शपथपत्रों से ₹2.5 करोड़ हड़पे; 5 पर FIR दर्ज! 👇

किच्छा (ऊधमसिंह नगर): उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले के किच्छा क्षेत्र में किसानों के साथ गेहूँ खरीद के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का एक बड़ा और सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है। एक सीड प्रोसेसिंग कंपनी के संचालक और उसके साझेदारों पर करीब 300 से 350 किसानों के नाम पर जाली दस्तावेज तैयार कर लगभग ₹2 से ₹2.5 करोड़ की भुगतान राशि हड़पने का संगीन आरोप लगा है। पीड़ित किसानों की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने आरोपी फर्म संचालक सहित 5 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी की संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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NFL प्रोसेसिंग यूनिट की आड़ में रचा गया करोड़ों का खेल

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम नवाबनगर (बहेड़ी, बरेली) निवासी सतनाम सिंह पुत्र सरदूल सिंह ने कोतवाली किच्छा में मामला दर्ज कराया। शिकायत में बताया गया कि ग्राम गिद्धपुरी (किच्छा) निवासी हरेंद्र मलिक की फर्म ‘तराई फार्म सीड्स’ भारत सरकार के उपक्रम नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (NFL) की प्रोसेसिंग यूनिट के तौर पर काम करती थी।

वर्ष 2021 में इस फर्म के जरिए सैकड़ों किसानों का पंजीकरण कराया गया और गेहूँ खरीद की योजना बनाई गई। समझौते के तहत किसानों को भुगतान तीन किस्तों में किया जाना था। पहली किस्त मिलने के बाद आरोपी हरेंद्र मलिक शेष दो किस्तों के लिए किसानों से समय मांगता रहा और लगातार टालमटोल करता रहा।

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विदेश में थे किसान, फिर भी बन गया फर्जी शपथपत्र!

जब लंबे समय तक भुगतान नहीं मिला तो किसानों ने सीधे नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (NFL) के अधिकारियों से संपर्क साधा। एनएफएल से मिली जानकारी के बाद फर्जीवाड़े का जो राज खुला, उससे किसानों के होश उड़ गए।

जांच में सामने आया कि आरोपी हरेंद्र मलिक और उसके साझेदारों—राहुल कुमार, राहुल राणा, युवराज तथा चितरंजन ने किसानों के फर्जी स्टांप पेपर और कूटरचित (जाली) शपथपत्र तैयार कर एनएफएल में जमा करा दिए। इसके जरिए किसानों के हक का करीब 2 से 2.5 करोड़ रुपये का भुगतान सीधे अपनी फर्म के बैंक खाते में ट्रांसफर करा लिया। इतना ही नहीं, किसानों का अंडर-साइज गेहूँ भी खुले बाजार में बेचकर हड़प लिया गया।

धोखाधड़ी की इंतहा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ग्राम रिछोली निवासी किसान इकबाल सिंह 14 मई से 20 जुलाई 2022 तक विदेश में थे। इसके बावजूद 16 मई 2022 को उनके नाम से फर्जी स्टांप खरीदा गया और 17 मई को जाली हस्ताक्षरों वाला शपथपत्र एनएफएल में लगाकर उनकी रकम अपने खाते में डाल ली गई। इसी तरह खेम सिंह, गुपिंदर सिंह, सरदूल सिंह, रघुवीर सिंह, नवदीप सिंह सहित 300 से अधिक किसान इस ठगी के शिकार हुए हैं।

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पुलिस ने 5 नामजद आरोपियों पर दर्ज किया मुकदमा

किच्छा कोतवाल रवि कुमार ने बताया कि पीड़ित किसानों द्वारा सौंपी गई तहरीर और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी हरेंद्र मलिक तथा उसके चार साझेदारों के खिलाफ जालसाजी, धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने सहित सुसंगत धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस बैंक खातों और एनएफएल में जमा दस्तावेजों की गहनता से जांच कर रही है।


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