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पचास हजार रुपए का इनामी भगोड़ा आया एसटीएफ की गिरफ्त में, पेपर लीक मामले में था वांछित

प्रेस से पेपर बाहर निकालने के लिए लिए थे पांच लाख रुपए

देहरादून। देहरादून में आरएमएस कंपनी की प्रिंटिंग प्रेस से स्नातक स्तरीय परीक्षा का पेपर लाकर नकल माफिया सादिक मूसा को देने वाले कंपनी कर्मचारी को एसटीएफ ने लम्बे समय बाद गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर पिछले साल 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। कसान वेश बदलकर अलीगढ़ में रह रहा था। एसटीएफ ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

एसटीएफ ने पेपर लीक मामले में प्रिंटिंग प्रेस में काम करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है लम्बे समय से वह पुलिस को चकमा देकर नाम और वेश बदलकर अलीगढ़ में रह रहा था भगोड़ा घोषित होने के बाद आरोपी पर पिछले साल 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।

विदित हो कि कसान आरएमएस टेक्नोसॉल्यूशन कंपनी में पेपर पैकिंग, न्यूमेरिक टाइपिंग और प्रिंटिंग मशीन का काम करता था। उसकी कंपनी में ही काम करने वाले रुपेंद्र जायसवाल से अच्छे संबंध थे। रुपेंद्र का दोस्त सादिक मूसा था। कसान ने एसटीएफ को बताया कि फरवरी 2022 में उसकी बहन की शादी होने वाली थी। इसके लिए उसे पैसों की जरूरत थी। तब सादिक मूसा ने उसे पेपर लीक कराने के संबंध में बताया। दिसंबर 2021 में पांच लाख रुपये लेकर उसने पेपर पैकिंग के दौरान एक पेपर अपने कपड़ों में रख लिया। इसके बाद उसे सादिक मूसा को दे दिया। जब उसे पता चला कि मामले की जांच हो रही तो वह भाग गया।

बता दे कि 2022 में एसटीएफ ने स्नातक स्तरीय परीक्षा पेपर लीक मामले की विवेचना शुरू की थी। इस मामले में एसटीएफ ने हाकम सिंह, सादिक मूसा समेत कुल 46 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इस पूरे गैंग का सरगना सादिक मूसा था। उसी ने पेपर लीक कराया और अपने संपर्क वालों को लाखों रुपये में पेपर बेचकर अभ्यर्थियों को विभिन्न जगहों पर इसे उपलब्ध कराया। इस मामले में कसान खान निवासी हुसैनी, रसूलपुर, फिरोजाबाद उत्तर प्रदेश का नाम भी सामने आया था। लेकिन, वह लगातार फरार चल रहा था। पिछले साल कसान पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।

इस बीच पता चला कि कसान वेश बदलकर अलीगढ़ में रह रहा है। करीब सात दिन पहले एसटीएफ की एक टीम को अलीगढ़ भेजा गया। टीम ने शनिवार शाम को कसान को गिरफ्तार कर लिया।

एसएसपी एसएसपी आयुष अग्रवाल ने बताया कि एसटीएफ चार मुकदमों की विवेचना कर रही थी। इनमें कुल 62 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। एसटीएफ ने स्नातक स्तरीय परीक्षा में 47, वन दरोगा भर्ती परीक्षा में आठ, सचिवालय रक्षक परीक्षा धांधली में और ग्राम पंचायत अधिकारी चयन परीक्षा में हुई धांधली में कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया है।


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