उत्तराखंड शिक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई: 29 शिक्षकों/प्रधानाचार्यों को ‘फर्जी‘ दिव्यांग प्रमाण पत्र मामले में कारण बताओ नोटिस
देहरादून: उत्तराखंड शिक्षा विभाग ने फर्जी दिव्यांग (Disabled) प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी हासिल करने के गंभीर मामले में बड़ी कार्रवाई की है। मंडलीय अपर निदेशक (गढ़वाल) ने 29 एलटी शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।
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मुख्य बातें:
- कार्रवाई का कारण: इन शिक्षकों और प्रधानाचार्यों पर फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र का उपयोग करके दिव्यांग कोटे के तहत नौकरी पाने का आरोप है।
- नोटिस की समय सीमा: सभी आरोपी शिक्षकों को अपने दिव्यांग प्रमाणपत्रों की प्रामाणिकता के संबंध में 15 दिन के भीतर विभाग को अपना जवाब/स्पष्टीकरण देना होगा।
- पृष्ठभूमि: सूत्रों के अनुसार, राज्य चिकित्सा परिषद ने इन प्रमाणपत्रों को फर्जी पाया था, जिसके बाद यह मामला उच्च न्यायालय (High Court) तक पहुँच गया है। न्यायालय के निर्देश और मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के बाद विभाग ने यह सख्त कदम उठाया है।
इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में लंबे समय से चल रहे इस कथित ‘फर्जीवाड़े’ पर बड़ा खुलासा होने की संभावना है, और इससे पात्र दिव्यांगजनों के हक का उल्लंघन करने वाले अन्य मामलों पर भी जांच की तलवार लटक सकती है।
