देहरादून। उत्तराखंड के शिक्षा विभाग ने राज्य के स्थानीय बेरोजगार युवाओं के लिए एक बड़ा तोहफा तैयार किया है। विभाग जल्द ही ग्राम, पंचायत और विकासखंड स्तर पर बंपर भर्ती अभियान शुरू करने जा रहा है। इस भर्ती में केवल उत्तराखंड के स्थानीय बेरोजगार उम्मीदवारों को ही आवेदन करने की अनुमति होगी।
शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार भर्ती प्रक्रिया इसी महीने से शुरू की जाएगी, ताकि लंबे समय से खाली पड़े पदों को जल्द भरा जा सके। राज्य के सरकारी स्कूलों में लंबे समय से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भारी कमी बनी हुई है। पहले इन पदों को समाप्त कर दिया गया था, वहीं कई कर्मचारी सेवानिवृत्त भी हो गए। परिणामस्वरूप, स्कूलों में सफाई, घंटी बजाने और अन्य दैनिक कार्यों की जिम्मेदारी शिक्षकों पर आ गई। अब शिक्षा विभाग ने इन पदों को आउटसोर्सिंग के माध्यम से भरने का निर्णय लिया है, जिससे स्कूलों के सुचारु संचालन में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि रिक्त पदों पर पहले ग्राम स्तर के बेरोजगार युवाओं को अवसर दिया जाएगा। यदि ग्राम स्तर पर कोई पात्र उम्मीदवार नहीं मिलता, तो पंचायत स्तर के युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
फिर भी यदि कोई आवेदक नहीं मिलता है, तो उसी विकासखंड के बेरोजगारों को नियुक्ति दी जाएगी।
शिक्षा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि वे परिवार जिन्होंने पहले स्कूल निर्माण के लिए भूमि दान की थी, उनके योग्य और बेरोजगार सदस्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
यह कदम उन ग्रामीण परिवारों के प्रति आभार व्यक्त करने के उद्देश्य से उठाया गया है, जिन्होंने शिक्षा के लिए अपनी जमीन समर्पित की थी।
इस बीच, शिक्षा विभाग की एक और बड़ी उपलब्धि सामने आने वाली है। यूकेएसएसएससी (UKSSSC) द्वारा चयनित 1,347 सहायक अध्यापकों (एलटी शिक्षकों) को मंगलवार, 14 अक्टूबर 2025 को नियुक्ति पत्र सौंपे जाएंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी देहरादून स्थित राजकीय दून मेडिकल कॉलेज, पटेल नगर के सभागार में इन शिक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान करेंगे। शिक्षा मंत्री डॉ. रावत ने बताया कि पांच पद फिलहाल आरक्षित रखे गए हैं, जिन पर नियुक्ति न्यायालय के निर्णय के बाद की जाएगी।
आयोग से प्राप्त सूची के अनुसार,
गढ़वाल मंडल में सामान्य और महिला वर्ग में 681 शिक्षकों का चयन किया गया है।
वहीं कुमाऊं मंडल में 671 शिक्षकों की नियुक्ति होगी।
कुमाऊं मंडल के विषयवार चयन इस प्रकार हैं –
हिंदी 90, अंग्रेजी 73, संस्कृत 12, गणित 89, विज्ञान 88, सामान्य विषय 128, कला 127, शारीरिक शिक्षा 45, गृह विज्ञान 8, संगीत 6, उर्दू 1 और वाणिज्य 4 शिक्षक शामिल हैं।
शिक्षा विभाग की इस पहल से राज्य के सैकड़ों स्थानीय युवाओं को रोजगार का अवसर मिलेगा। साथ ही, सरकारी स्कूलों में लंबे समय से बनी हुई स्टाफ की कमी भी दूर होगी। सरकार का लक्ष्य है कि शिक्षा व्यवस्था को सशक्त, आत्मनिर्भर और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार का माध्यम बनाया जाए।