उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा विभाग में वार्षिक तबादलों के लिए शासन द्वारा जारी किया गया आधिकारिक आदेश
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उत्तराखंड शिक्षा विभाग में तबादलों को लेकर बड़ी खबर: त्रुटिरहित ट्रांसफर प्रक्रिया के लिए शासन ने दिया 55 दिनों का अतिरिक्त समय, आदेश जारी! 👇

देहरादून: उत्तराखंड में शिक्षकों और माध्यमिक शिक्षा विभाग के कार्मिकों के वार्षिक तबादलों (Transfers) को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है। शासन ने शिक्षा विभाग में स्थानांतरण प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी और त्रुटिरहित (एरर-फ्री) संपन्न कराने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया है। उत्तराखंड शासन के सचिव रविनाथ रामन की ओर से महानिदेशक, विद्यालयी शिक्षा को इस संबंध में एक आधिकारिक पत्र भेजा गया है। इसके तहत विद्यालयी शिक्षा विभाग को वार्षिक स्थानांतरण अधिनियम के अंतर्गत अनुरोध के आधार पर होने वाले तबादलों की अग्रिम कार्रवाई के लिए 55 दिन का अतिरिक्त समय प्रदान किया गया है। शासन के इस फैसले से विभाग को आवेदनों की बारीकी से जांच करने और बिना किसी विवाद के तबादला सूची जारी करने का पर्याप्त अवसर मिल गया है।

📝 शिक्षा विभाग ने मांगा था 50 दिन का समय, शासन ने मंजूर किए 55 दिन

जारी किए गए सरकारी पत्र (संख्या: 410893/XXIV-B-1/2026/13(12)/2011 TC-I) के अनुसार, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा द्वारा पूर्व में भेजे गए एक पत्र का संदर्भ लिया गया है। शिक्षा विभाग ने ‘उत्तराखंड लोक सेवकों के लिए वार्षिक स्थानांतरण अधिनियम, 2017’ की धारा 17(1)(ख) के अंतर्गत श्रेणी (एक) से (पांच) में वर्णित विभिन्न गंभीर आधारों पर प्राप्त आवेदनों के निस्तारण के लिए शासन से 50 दिनों के अतिरिक्त समय की मांग की थी।

शिक्षा विभाग के इस अनुरोध पर विचार करते हुए कार्मिक एवं सतर्कता विभाग के आदेश दिनांक 06 जुलाई 2026 के आलोक में शासन ने विभागीय आवश्यकताओं को जायज पाया। शासन ने दरियादिली दिखाते हुए शिक्षा विभाग को मांगे गए समय से 5 दिन अधिक, यानी कुल 55 दिनों का अतिरिक्त समय (आदेश निर्गत होने की तिथि से) आवंटित कर दिया है, ताकि पूरी ट्रांसफर प्रक्रिया को बिना किसी जल्दबाजी या तकनीकी खामी के नियमानुसार पूरा किया जा सके।

🔍 धारा 17(1)(ख) के तहत प्राप्त आवेदनों का होगा गहन मूल्यांकन

अतिरिक्त समय मिलने के बाद अब शिक्षा विभाग ‘वार्षिक स्थानांतरण अधिनियम, 2017’ की धारा 17(1)(ख) के अंतर्गत आए अनुरोध पत्रों की गहनता से समीक्षा करेगा। इस धारा के तहत गंभीर बीमारी, पारिवारिक परिस्थितियों, अनिवार्य सुगम-दुर्गम सेवा काल या अन्य विशेष और अनिवार्य व्यक्तिगत आधारों पर कर्मचारी और शिक्षक तबादले के लिए अनुरोध करते हैं। अक्सर देखा जाता है कि जल्दबाजी में ट्रांसफर सूचियां जारी होने पर कई विसंगतियां सामने आती हैं और मामला कोर्ट तक पहुंच जाता है। शासन के सचिव रविनाथ रामन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस अतिरिक्त समय का उपयोग करते हुए विषयगत प्रकरण के संबंध में नियमानुसार पूरी तरह त्रुटिरहित और न्यायसंगत अग्रोत्तर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।


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