अब नहीं कटेगा न्यूनतम बैलेंस चार्ज! छह बड़े बैंकों ने दी राहत
नई दिल्ली। बैंक खाताधारकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब अगर आपके बचत खाते (Saving Account) में न्यूनतम राशि नहीं है, तो घबराने की जरूरत नहीं। देश के छह प्रमुख सरकारी बैंकों ने अपने ग्राहकों से औसत मासिक बैलेंस (AMB) न रखने पर लगने वाला जुर्माना पूरी तरह समाप्त कर दिया है। इससे करोड़ों खाताधारकों को राहत मिलेगी, खासकर उन लोगों को जो खाते में लगातार राशि बनाए नहीं रख पाते।
🔴 क्या होता है न्यूनतम बैलेंस चार्ज?
बैंकों द्वारा तय की गई औसत मासिक शेष राशि (AMB) वह न्यूनतम रकम होती है जिसे खाते में हर महीने बनाए रखना जरूरी होता है। यदि यह राशि कम हो जाती है, तो बैंक जुर्माना काट लेते हैं। यह जुर्माना अलग-अलग बैंकों और खातों के प्रकार के आधार पर बदलता है।
🏦 किन बैंकों ने खत्म किया चार्ज? यहां पढ़ें पूरी लिस्ट:
✅ भारतीय स्टेट बैंक (SBI)
देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने पहले ही 2020 से अपने ग्राहकों के लिए न्यूनतम बैलेंस चार्ज खत्म कर दिया था। यानी अब एसबीआई के बचत खाताधारकों को इस शुल्क से पूरी तरह राहत है।
✅ बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB)
बैंक ऑफ बड़ौदा ने 1 जुलाई 2025 से अपने सभी सामान्य बचत खातों पर न्यूनतम शेष राशि न रखने पर लगने वाला चार्ज समाप्त कर दिया है। हालांकि, प्रीमियम सेविंग अकाउंट इस छूट में शामिल नहीं हैं।
✅ इंडियन बैंक
इंडियन बैंक ने भी अपने सभी बचत खातों के लिए 7 जुलाई 2025 से यह शुल्क पूरी तरह हटाने की घोषणा की है।
✅ केनरा बैंक
केनरा बैंक ने मई 2025 में ही यह निर्णय लेते हुए सभी प्रकार के बचत खातों—चाहे वह सैलरी अकाउंट हो या एनआरआई—से न्यूनतम बैलेंस चार्ज हटा दिया है।
✅ पंजाब नेशनल बैंक (PNB)
PNB ने भी सभी तरह के बचत खातों के लिए न्यूनतम औसत शेष राशि रखने की बाध्यता समाप्त कर दी है। अब ग्राहकों को चार्ज कटने की चिंता नहीं होगी।
✅ बैंक ऑफ इंडिया (BOI)
बैंक ऑफ इंडिया ने भी अपने खाताधारकों को राहत देते हुए सेविंग अकाउंट पर न्यूनतम बैलेंस न रखने पर लगने वाला जुर्माना समाप्त कर दिया है।
🧾 ग्राहकों को क्या फायदा मिलेगा?
इन बैंकों के फैसले से उन लाखों लोगों को राहत मिलेगी जो नियमित रूप से खाते में औसत बैलेंस नहीं रख पाते थे। अब खाताधारकों को पैसे कटने का डर नहीं होगा और वे निश्चिंत होकर खाता चला सकेंगे।
