खटीमा में गरजे सीएम धामी: विकास के साथ धर्म रक्षक का सख्त संदेश
कांग्रेस की सनातन विरोधी सोच पर सीधा हमला, 2027 में भाजपा की हैट्रिक का दावा

खटीमा। खटीमा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का संबोधन केवल विकास परियोजनाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह मंच सियासी संदेश, सांस्कृतिक चेतावनी और सनातन धर्म की रक्षा के संकल्प का प्रतीक बन गया। मुख्यमंत्री ने महाराणा प्रताप बस स्टेशन सहित कई विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया, जिसके बाद उनका भाषण राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया।
मुख्यमंत्री धामी जब मंच से बोले तो उनका अंदाज़ आक्रामक, स्पष्ट और आत्मविश्वास से भरा हुआ था। उन्होंने कांग्रेस की राजनीति पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस की सोच शुरू से ही सनातन विरोधी रही है। सत्ता की लालसा में कांग्रेस ने बार-बार तुष्टिकरण की राजनीति की और समाज को बांटने का काम किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने सत्ता के लिए देवभूमि की आत्मा से भी समझौता किया।
कांग्रेस के पूर्व शासनकाल पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वोट बैंक की राजनीति के तहत एक सुनियोजित साजिश रची गई, जिसके जरिए उत्तराखंड की डेमोग्राफी से खिलवाड़ किया गया। अवैध तरीके से बाहरी तत्वों को बसाया गया, जिससे देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान और संतुलन को कमजोर करने की कोशिश हुई। मुख्यमंत्री ने इसे केवल प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि उत्तराखंड की संस्कृति के खिलाफ षड्यंत्र बताया।
अपनी ‘धर्म रक्षक’ की भूमिका को स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने मंच से अधिकारियों को सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म को मानने वाले नागरिकों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। जो लोग जिहादी मानसिकता या षड्यंत्रकारी सोच के साथ कानून को चुनौती देते हैं, उनके खिलाफ बिना किसी नरमी के कठोर कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने लैंड जिहाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की है। अब तक 10 हजार एकड़ से अधिक भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। अवैध रूप से बनी मजारों पर कार्रवाई की गई है। वहीं, धार्मिक स्थलों पर भेष बदलकर साजिश रचने वालों के खिलाफ ‘ऑपरेशन कालनेमि’ के तहत लगातार अभियान चलाया जा रहा है, ताकि देवभूमि की आस्था और संस्कृति सुरक्षित रह सके।
मुख्यमंत्री धामी ने यह भी कहा कि उनकी सरकार ने केवल संस्कृति की ही नहीं, बल्कि प्रदेश के युवाओं के भविष्य की भी रक्षा की है। सख्त नकल विरोधी कानून लागू कर युवाओं के भविष्य को सुरक्षित किया गया। समान नागरिक संहिता लागू कर मातृशक्ति के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों को कानूनी गारंटी दी गई। उन्होंने कहा कि ये फैसले तुष्टिकरण नहीं, बल्कि न्याय और समानता की राजनीति का प्रतीक हैं।
अपने संबोधन के अंतिम हिस्से में मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर सियासी हमला तेज करते हुए कहा कि आज कांग्रेस की नींद उड़ी हुई है। कांग्रेस यह जान चुकी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, जनविश्वास और मजबूत निर्णयों के साथ भाजपा 2027 में उत्तराखंड में एक बार फिर हैट्रिक लगाने जा रही है।
खटीमा की इस सभा से यह साफ संकेत मिला कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद को केवल एक प्रशासक नहीं, बल्कि देवभूमि के धर्म रक्षक के रूप में भी स्थापित कर रहे हैं और साथ ही कांग्रेस के उस दौर को बेनकाब कर रहे हैं, जिसे वे उत्तराखंड की संस्कृति और अस्मिता के लिए सबसे खतरनाक मानते हैं।

