नैनीताल के ओखलकांडा में सड़क निर्माण घोटाले की उच्चस्तरीय जाँच। CDO की टीम ने कोंता-ककरोड़-हरिश्ताल मार्ग की खुदाई कराकर जांची गुणवत्ता, ठेकेदार गायब.

देवभूमि जन हुंकार, नैनीताल / ओखलकांडा / हल्द्वानी: उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में ग्रामीण विकास और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत होने वाले निर्माण कार्यों में किस हद तक लापरवाही बरती जाती है, इसका एक और सनसनीखेज मामला नैनीताल जनपद के ओखलकांडा से सामने आया है। स्थानीय जनता द्वारा लंबे समय से की जा रही शिकायतों पर कड़ा संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन ने उच्चस्तरीय जाँच बिठा दी है। मुख्य विकास अधिकारी (CDO) नैनीताल की अध्यक्षता में गठित जाँच समिति ने ओखलकांडा क्षेत्र में पहुंचकर कोंता–ककरोड़–हरिश्ताल मार्ग का स्थलीय परीक्षण किया, जहाँ सड़क की गुणवत्ता बेहद खराब मिलने और ठेकेदार के नदारद रहने का मामला उजागर हुआ है।
जनता की शिकायतें और उच्चस्तरीय जाँच समिति का गठन
जिलाधिकारी नैनीताल के स्पष्ट निर्देशों के क्रम में आज ओखलकांडा क्षेत्र में PMGSY के अंतर्गत नवनिर्मित कोंता–ककरोड़–हरिश्ताल मार्ग के संबंध में प्राप्त तमाम शिकायतों की गहन जाँच एवं स्थलीय परीक्षण किया गया। इस जाँच हेतु जिलाधिकारी द्वारा गठित उच्चस्तरीय समिति की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी द्वारा की गई।
निरीक्षण समिति में निम्नलिखित प्रमुख अधिकारी और जनप्रतिनिधि शामिल रहे अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग (PWD),अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग,PMGSY के अधिशासी अभियंता,जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी,क्षेत्र के संबंधित अधिकारीगण एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि, स्थानीय जनता और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में टीम ने सड़क का चप्पे-चप्पे पर परीक्षण किया। ग्रामीणों की मुख्य शिकायतें सड़क निर्माण की घटिया गुणवत्ता, बिटुमिनस (कोलतार) कार्य में भारी कमियां, पैराफिट का निर्माण न होना तथा कलवर्ट और गदेरों से संबंधित सुरक्षात्मक कार्यों की अनदेखी को लेकर थीं।
सड़क की खुदाई कराकर की गई मैटेरियल की जाँच
स्थलीय निरीक्षण के दौरान प्रथम दृष्टया ही सड़क निर्माण कार्य में कई गंभीर कमियां उजागर हुईं। सड़क की वास्तविक गुणवत्ता और उसमें प्रयुक्त निर्माण सामग्री (मटेरियल) के मानकों की सत्यता परखने के लिए प्रशासनिक टीम ने सड़क की खुदाई कराकर भी परीक्षण किया। समिति ने निरीक्षण के दौरान पाई गई एक-एक कमी को अपनी सूची में दर्ज कर लिया है।
शर्मनाक: सूचना के बावजूद नदारद रहा ठेकेदार
इस पूरी जाँच प्रक्रिया के दौरान एक बेहद गैर-जिम्मेदाराना पहलू यह सामने आया कि संबंधित ठेकेदार को निरीक्षण में उपस्थित होने हेतु पहले ही स्पष्ट सूचना दे दी गई थी। कल शाम से लगातार सूचना दिए जाने तथा आज भी निरीक्षण के दौरान पर्याप्त समय दिए जाने के बावजूद संबंधित ठेकेदार निरीक्षण स्थल पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने नहीं पहुँचा। ठेकेदार का इस तरह नदारद रहना उसकी संदिग्ध भूमिका और निर्माण में बरती गई अनियमितताओं की ओर साफ इशारा करता है।
जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी विस्तृत रिपोर्ट, दोषियों पर गिरेगी गाज
जाँच समिति द्वारा स्थल पर जुटائے गए साक्ष्यों और तकनीकी परीक्षण के आधार पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसे जल्द ही जिलाधिकारी नैनीताल को प्रस्तुत किया जाएगा।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यदि रिपोर्ट और तकनीकी परीक्षण में निर्माण कार्य के दौरान निर्धारित मानकों की अनदेखी अथवा वित्तीय लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित दोषियों व ठेकेदार के विरुद्ध नियमानुसार कठोरतम कार्रवाई का प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
CDO ने किया राजकीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण
सड़क निरीक्षण के व्यस्त कार्यक्रम के बीच मुख्य विकास अधिकारी ने क्षेत्र के शैक्षणिक संस्थानों की सुधि लेते हुए राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ओखलढूंगा और प्राथमिक विद्यालय रोशिलमल्ला का भी औचक निरीक्षण किया।
इस दौरान राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, रोशिलमल्ला में CDO ने कक्षा 10 के विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों को आगामी बोर्ड परीक्षाओं की बेहतर तैयारी करने तथा भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के संबंध में बहुमूल्य मार्गदर्शन प्रदान किया। मुख्य विकास अधिकारी ने छात्रों को नियमित एवं योजनाबद्ध अध्ययन, समय-प्रबंधन (Time Management), सही लक्ष्य निर्धारण तथा निरंतर अभ्यास के महत्व के बारे में विस्तार से समझाया। प्रशासनिक अधिकारी के इस प्रेरणादायी मार्गदर्शन के लिए विद्यार्थियों और शिक्षकों ने CDO का आभार व्यक्त किया।
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