🔥 बड़ी साईबर ठगी का खुलासा: ‘कैम्पा कोला’ डिस्ट्रीब्यूटरशिप के नाम पर 23.55 लाख की ठगी, STF ने दो शातिर आरोपी दबोचे
रुद्रपुर। उत्तराखण्ड एसटीएफ के साईबर थाना कुमाऊँ परिक्षेत्र, रुद्रपुर की टीम ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के लोकप्रिय ब्रांड ‘कैम्पा कोला’ की डिस्ट्रीब्यूटरशिप दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले एक साईबर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में 23.55 लाख रुपये की साईबर धोखाधड़ी को अंजाम देने वाले दो पेशेवर अपराधियों को दिल्ली के रोहिणी स्थित विजय विहार थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया है।
🔍 कैसे हुई ठगी?
माह नवम्बर 2025 में उधम सिंह नगर निवासी एक व्यक्ति ने गूगल पर ‘Campa Cola Distributorship’ सर्च किया। इसी दौरान साईबर ठगों ने खुद को रिलायंस कंपनी का अधिकारी बताकर संपर्क किया।
डिस्ट्रीब्यूटरशिप दिलाने के नाम पर रजिस्ट्रेशन, सिक्योरिटी फीस और स्टॉक के नाम पर पीड़ित से 23,55,451 रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए गए।
राशि मिलते ही ठगों ने पैसे को तुरंत अन्य खातों में ट्रांसफर कर एटीएम और यूपीआई के जरिये कैश निकाल लिया।
🚨 STF की सख्त कार्रवाई
पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड दीपम सेठ के निर्देश और पुलिस महानिरीक्षक साइबर/एसटीएफ निलेश आनन्द भरणे के पर्यवेक्षण में इस मामले की गंभीर जांच शुरू की गई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ नवनीत सिंह के नेतृत्व में साईबर थाना कुमाऊँ परिक्षेत्र की टीम ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, व्हाट्सएप और सीसीटीवी फुटेज का गहन विश्लेषण किया।
जांच में सामने आया कि ठगी की रकम बैंक ऑफ बड़ौदा के एटीएम से निकाली गई थी। इसके बाद तकनीकी और मैनुअल सत्यापन के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया।
👮♂️ गिरफ्तार आरोपी
1️⃣ राम कुमार, निवासी लक्ष्मीपुर, थाना अकबरपुर, जिला नवादा (बिहार), उम्र 22 वर्ष
2️⃣ शुभम कुमार, निवासी गोरईया बीघा, थाना कतवीश सराय, जिला नालन्दा (बिहार), उम्र 22 वर्ष
🧠 ठगी का पूरा नेटवर्क
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे बिहार के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को रोजगार का झांसा देकर दिल्ली बुलाते थे।
उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाकर एटीएम, पासबुक और मोबाइल नंबर अपने पास रख लेते थे और फिर इन खातों का इस्तेमाल साईबर ठगी के लिए करते थे।
📦 बरामद सामान
08 मोबाइल फोन (सिम कार्ड सहित)
27 विभिन्न बैंकों की पासबुक
18 चेकबुक
30 एटीएम कार्ड
05 आधार कार्ड व पैन कार्ड
बरामद सामान को सील कर लिया गया है और अन्य राज्यों से जुड़े लिंक की जांच की जा रही है। आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
