उत्तराखंड के अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी करते हुएउत्तराखंड के अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी करते हुए
Spread the love

मतदाता सूची से 8.26 लाख वोट कटे, 19 लाख वोटरों को 25 जुलाई से आएगा नोटिस! 👇

देहरादून: उत्तराखंड में आगामी चुनावों के मद्देनजर राज्य निर्वाचन आयोग ने एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम के नेतृत्व में प्रदेश में ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) कार्यक्रम का पहला चरण सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद 14 जुलाई 2026 को आधिकारिक ड्राफ्ट मतदाता सूची (Draft Electoral Roll) जारी कर दी गई है।

इस संबंध में आज मीडिया सेंटर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने विस्तृत विधिक और प्रशासनिक जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस विशेष पुनरीक्षण अभियान के पहले चरण के बाद राज्य भर में कुल 71,33,785 मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल किए गए हैं।

1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर हुआ पुनरीक्षण, पोलिंग बूथों में भारी बढ़ोतरी

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि उत्तराखंड में यह पूरी एसआईआर (SIR) प्रक्रिया 1 जुलाई 2026 की अर्हता (Qualifying) तिथि को आधार मानकर संचालित की जा रही है। राज्य में इसके तहत प्रपत्रों (Enumeration Forms) के वितरण और उनके डिजिटलाइजेशन का काम 8 जून से 7 जुलाई 2026 के बीच शत-प्रतिशत पूरा कर लिया गया था।

मतदाताओं की सुविधा के लिए आयोग ने इस बार पोलिंग स्टेशनों में भी बंपर बढ़ोतरी की है। प्रदेश में पहले जहां कुल 11,733 मतदान केंद्र थे, वहीं अब इनकी संख्या बढ़ाकर 12,543 कर दी गई है।

यह भी पढ़ें 👉 जसपुर में खौफनाक वारदात: कार से कुचलकर युवक की हत्या, हादसे का रूप देने की साजिश नाकाम; SSP अजय गणपति का अपराधियों पर वज्रप्रहार! 👇

19 लाख मतदाताओं को जारी होंगे नोटिस, न्याय पंचायत स्तर पर लगेंगे कैंप

डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने एक बेहद महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल कुल 71.33 लाख वोटरों में से लगभग 1.9 मिलियन (19 लाख) मतदाताओं के प्रपत्रों में विभिन्न प्रकार की विसंगतियां (Discrepancies) पाई गई हैं। इन सभी वोटरों को संबंधित ईआरओ (ERO) और एईआरओ (AERO) द्वारा विधिक नोटिस जारी किए जा रहे हैं।

इन नोटिसों पर त्वरित और पारदर्शी सुनवाई के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में न्याय पंचायत स्तर पर विशेष क्लस्टर कैंप आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही, मैदानी क्षेत्रों के मतदाताओं की सुविधा के लिए जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEOs) को निर्देश दिए गए हैं कि वे तहसील स्तर के अलावा नगर निगमों, नगर पालिकाओं और वार्ड स्तर पर भी विशेष सुनवाई शिविर स्थापित करें।

यह भी पढ़ें 👉 रुड़की में दोस्ती शर्मसार: ‘दावत’ के बहाने बुलाकर दोस्त का ही सरेआम मर्डर, दो राज्यों की पुलिस के बीच उलझा रहा सीमा विवाद

दावे और आपत्तियों का पूरा टाइम-टेबल, 15 सितंबर को आएगी फाइनल लिस्ट

चुनाव आयोग ने पूरी विधिक प्रक्रिया के सुचारू संपादन के लिए सख्त समय-सारणी (Timeline) तय की है:

  • 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक: मतदाता अपने दावों और आपत्तियों के निस्तारण के लिए फॉर्म 6, 7 और 8 भर सकते हैं।

  • 14 जुलाई से 11 सितंबर 2026 तक: आयोग द्वारा विसंगति वाले मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाएंगे और सभी प्राप्त दावों/आपत्तियों का विधिक निस्तारण किया जाएगा।

  • 15 सितंबर 2026: सभी संशोधनों और शुद्धिकरण के बाद उत्तराखंड की अंतिम (Final) मतदाता सूची का भव्य प्रकाशन कर दिया जाएगा।

यह भी पढ़ें 👉 हल्द्वानी में बनभूलपुरा पुलिस का डबल स्ट्राइक: 10.26 ग्राम स्मैक और 144 पव्वे शराब के साथ महिला समेत 2 तस्कर गिरफ्तार! 👇

कैसे जुड़वाएं नाम? इन 12 मान्य दस्तावेजों की सूची का रखें ध्यान

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि जिन नागरिकों के नाम वर्तमान मतदाता सूची में शामिल नहीं हैं, वे फॉर्म-6 (Form-6) भरकर अपना नाम जुड़वा सकते हैं। यह आवेदन ऑफलाइन माध्यम से अपने बीएलओ (BLO) के पास या ऑनलाइन माध्यम से चुनाव आयोग के ECI NAT ऐप पर जाकर किया जा सकता है। इसके अलावा, नाम कटवाने के लिए फॉर्म-7 और किसी भी प्रकार के सुधार के लिए फॉर्म-8 का प्रयोग किया जा सकता है। वर्तमान नियमों के तहत फॉर्म 6 और 8 के साथ एनेक्सचर-4 (Annexure 4) भरना अनिवार्य है।

वोटर आईडी/नाम संशोधन के लिए चुनाव आयोग द्वारा जारी मान्य विधिक दस्तावेजों की सूची:

  1. केंद्र/राज्य सरकार या पीएसयू (PSUs) के नियमित कर्मचारियों/पेंशनभोगियों को जारी पहचान पत्र या पेंशन भुगतान आदेश।

  2. भारत सरकार/स्थानीय प्राधिकरण/बैंक/डाकघर/एलआईसी/पीएसयू द्वारा दिनांक 01.07.1987 से पूर्व जारी कोई भी पहचान पत्र या प्रमाणपत्र।

  3. सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र।

  4. वैध पासपोर्ट।

  5. मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय द्वारा जारी मैट्रिक (10वीं) या शैक्षणिक प्रमाण पत्र।

  6. सक्षम राज्य प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण पत्र (मूल निवास)।

  7. वन अधिकार प्रमाण पत्र।

  8. सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी ओबीसी, एससी, एसटी या कोई भी वैध जाति प्रमाण पत्र।

  9. राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC – जहां भी अस्तित्व में हो)।

  10. राज्य या स्थानीय निकायों द्वारा तैयार किया गया परिवार रजिस्टर (कुटुंब रजिस्टर)।

  11. सरकार द्वारा जारी कोई भी भूमि या मकान आवंटन प्रमाण पत्र।

  12. [Aadhaar Redacted] के संबंध में, निर्वाचन आयोग द्वारा जारी पत्र संख्या 23/2025-ERS/Vol-II (दिनांक 09.09.2025) के विधिक निर्देश पूरी तरह प्रभावी माने जाएंगे।

    👉देवभूमि जन हुंकार व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें

    👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ को लाइक करें

    👉 यूट्यूब चैनल सब्स्क्राइब करें


Spread the love