संयुक्त संघर्ष समिति के नेतृत्व में हनुमान मंदिर, पूछड़ी में आयोजित बैठक
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बुलडोजर राज के खिलाफ निर्णायक संघर्ष का ऐलान, 4 जनवरी को रामनगर में उत्तराखंड स्तरीय जन सम्मेलन

रामनगर/वन ग्राम पूछड़ी। उत्तराखंड सहित देशभर में लगातार जारी बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ आंदोलन तेज होता जा रहा है। वन ग्राम पूछड़ी में न्यायालय के स्टे के बावजूद की गई बुलडोजर कार्रवाई, वन ग्रामों को राजस्व ग्राम घोषित करने और स्थानीय निवासियों को मालिकाना हक देने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने आंदोलन को और व्यापक रूप देने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में 4 जनवरी को रामनगर में उत्तराखंड स्तरीय जन सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।

संयुक्त संघर्ष समिति के नेतृत्व में हनुमान मंदिर, पूछड़ी में आयोजित बैठक में वक्ताओं ने कहा कि वन ग्राम पूछड़ी सहित उत्तराखंड और देश के विभिन्न हिस्सों में हो रही बुलडोजर कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए। साथ ही सभी वन ग्रामों को राजस्व ग्राम घोषित करते हुए, जो व्यक्ति जहां निवास, खेती और कारोबार कर रहा है, उसे वहीं पर मालिकाना अधिकार दिया जाए।

वक्ताओं ने 7 दिसंबर को पूछड़ी में न्यायालय के स्पष्ट स्टे आदेश के बावजूद बुलडोजर कार्रवाई किए जाने को गंभीर मामला बताते हुए कहा कि यह न्यायालय की अवमानना है। इसके लिए डीएफओ प्रकाश चंद्र सहित जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई।

सभा में कहा गया कि वर्ष 2017 से 2023 के बीच भाजपा सरकार ने देशभर में करीब 17 लाख लोगों को उनके घर और कारोबार से बेदखल किया है। वहीं भाजपा और कांग्रेस दोनों के “विनाशक विकास मॉडल” के चलते देश में अब तक करीब 1 करोड़ 70 लाख लोगों की छत छीन ली गई है।

वक्ताओं ने आरोप लगाया कि भारत सरकार द्वारा की जा रही जबरन बेदखली की कार्रवाई संयुक्त राष्ट्र के बेदखली और विस्थापन के बुनियादी सिद्धांत एवं दिशानिर्देश (2007) का खुला उल्लंघन है। इन दिशानिर्देशों के अनुसार, जब तक सभी व्यवहार्य विकल्प समाप्त न हो जाएं, तब तक बेदखली नहीं की जा सकती और बेदखली से पहले प्रभावितों के लिए पर्याप्त पुनर्वास योजना तैयार कर उसे लागू करना अनिवार्य है। संयुक्त राष्ट्र का हस्ताक्षरकर्ता होने के बावजूद भारत सरकार इन नियमों का पालन नहीं कर रही है।

वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि बुलडोजर राज के खिलाफ जाति, धर्म और क्षेत्रीय भावना से ऊपर उठकर सभी को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा। आगामी 4 जनवरी को रामनगर में होने वाले जन सम्मेलन को सफल बनाने के लिए व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाने का निर्णय भी लिया गया।

सभा का संचालन ललित उप्रेती ने किया। बैठक को पान सिंह, गोपाल राम, अंजलि रावत, बालादत्त कांडपाल, उर्वादत्त नैनवाल, उमाकांत ध्यानी, समाजवादी लोक मंच के संयोजक मुनीष कुमार, यतीश पंत, बची सिंह बिष्ट, रेनू सैनी, महिला एकता मंच की ललिता रावत, इंकलाबी मजदूर केंद्र के रोहित रुहेला, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र की तुलसी छिंबाल, उपपा नेता प्रभात ध्यानी सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया।


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