बच्चे की मौत पर बड़ी कार्रवाई: सीएम के निर्देश पर बागेश्वर जिला अस्पताल के प्रभारी सीएमएस पद से हटाए गए
लापरवाही पर गिरी गाज: कई डॉक्टर-कर्मचारी दंडित
बागेश्वर। जिला अस्पताल में उपचार के अभाव में एक बच्चे की मौत के मामले में हुई गंभीर लापरवाही पर स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर दोषी पाए गए चिकित्सकों और कर्मचारियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की गई है।
जिलाधिकारी की जांच रिपोर्ट और कारण बताओ नोटिस पर विचार करने के बाद विभाग ने पाँच डॉक्टरों व कर्मचारियों को अलग-अलग स्तर पर दंडित किया है।
प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. तपन शर्मा को एम्बुलेंस व्यवस्था सुनिश्चित न करने और प्रशासनिक अक्षमता के आरोप में तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर निदेशक कुमाऊं मंडल से संबद्ध किया गया है।
108 एम्बुलेंस चालक ईश्वर सिंह टोलिया और लक्ष्मण कुमार को कर्तव्यों में उदासीनता बरतने का दोषी पाया गया। दोनों को एक माह तक कार्य से विरक्त रखा जाएगा और अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
नर्सिंग अधिकारी महेश कुमार, श्रीमती हिमानी और कक्ष सेवक सूरज सिंह कन्नाल को अपने दायित्वों में लापरवाही पर कठोर चेतावनी जारी की गई है और भविष्य में ऐसी गलती न दोहराने का आदेश दिया गया है।
डॉ. भूरेन्द्र घटियाल (चिकित्साधिकारी) को कर्तव्यों के प्रति उदासीनता पर चेतावनी दी गई है।
डॉ. अंकित कुमार (बाल रोग विशेषज्ञ) को संघर्षरत बालक के प्रति सहानुभूति न दिखाने और लापरवाही बरतने का दोषी पाते हुए उनके खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज की गई है।
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद है और मुख्यमंत्री के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हर अधिकारी और कर्मचारी को पूरी संवेदनशीलता से अपने दायित्व निभाने होंगे, अन्यथा कठोर कार्रवाई के लिए तैयार रहना होगा।
