देवभूमि जन हुंकार, देहरादून: देवभूमि उत्तराखंड में सरकारी नौकरी का सपना देख रहे लाखों युवाओं के लिए शासन-प्रशासन की ओर से एक बेहद राहत भरी और बड़ी खुशखबरी सामने आई है। प्रदेश में विभिन्न विभागों के अंतर्गत रिक्त पड़े 5,222 पदों पर भर्ती प्रक्रिया को अब तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। राज्य के कार्मिक विभाग ने भर्ती प्रक्रिया को लेकर अपनी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट करते हुए घोषणा की है कि इन खाली पदों पर नई विज्ञप्तियों के माध्यम से भर्तियां तो की ही जाएंगी, साथ ही पूर्व में आयोजित हो चुकी विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के लंबित परिणाम भी जल्द जारी किए जाएंगे।
प्रमुख विभागों में रिक्त पदों का विस्तृत विवरण
कार्मिक विभाग से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, जिन विभिन्न विभागों में बंपर पदों पर नियुक्तियां की जानी हैं, उनमें प्रमुख श्रेणियां इस प्रकार हैं:
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प्रवक्ता: 808 पद
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ऑडिटिंग अनुदेशक: 859 पद
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कारागार बंदी रक्षक: 770 पद
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प्राथमिक शिक्षक: 763 पद
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पुलिस आरक्षी सिविल: 464 पद
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आईआरबी पीएसी: 284 पद
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महिला सिविल आरक्षी: 268 पद
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फॉरेस्ट गार्ड: 246 पद
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जूनियर इंजीनियर (सिविल): 227 पद
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फार्मासिस्ट: 201 पद
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सहायक लेखाकार: 198 पद
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लैब असिस्टेंट: 94 पद
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लाइब्रेरियन: 22 पद
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स्टोर कीपर: 18 पद
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संशोधित परीक्षा कैलेंडर जल्द होगा जारी, पारदर्शी होगी चयन प्रक्रिया
युवाओं को अपनी तैयारी की रूपरेखा तय करने में आसानी हो, इसके लिए कार्मिक विभाग भर्ती परीक्षाओं के कैलेंडर में भी जल्द संशोधन करने जा रहा है। इसके तहत संबंधित भर्ती आयोगों से आपसी विचार-विमर्श कर विभिन्न परीक्षाओं की नई तिथियां निर्धारित की जाएंगी। संशोधित कैलेंडर जारी होने से अभ्यर्थियों को काफी सहूलियत मिलेगी।
विभाग की ओर से यह भी दोहराया गया है कि चयन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने और अभ्यर्थियों को समय पर परीक्षा परिणाम उपलब्ध कराने के लिए आयोगों को कड़े निर्देश दिए गए हैं। कुछ भर्ती परीक्षाओं के परिणाम जारी करने की प्रक्रिया 29 जनवरी 2027 को प्रस्तावित परीक्षा से संबंधित प्रक्रिया पूरी होने के बाद आगे बढ़ाई जाएगी।
अशासकीय विद्यालयों में फर्जी नियुक्तियों पर कसेगा शिकंजा
न सिर्फ नई भर्तियों और परिणामों पर, बल्कि विभाग ने शिक्षा व्यवस्था को शुद्ध करने के लिए अशासकीय विद्यालयों में प्रधानाचार्यों की फर्जी नियुक्तियों के मामलों को भी बेहद गंभीरता से लिया है। ऐसे तमाम मामलों में त्वरित जांच और कठोर कार्रवाई की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। 585 पदों से संबंधित प्रकरण में माननीय उच्च न्यायालय (High Court) के आदेश के क्रम में विद्यालयी शिक्षा विभाग की ओर से सक्षम स्तर पर पूरी पारदर्शिता के साथ आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। सरकार के इस कदम से बेरोजगार युवाओं में एक बार फिर सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ है।
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