देवभूमि जन हुंकार, रामनगर / नैनीताल / हल्द्वानी: उत्तराखंड के नगरीय निकायों में सुशासन, पारदर्शिता और कार्यप्रणाली सुधारने के लिए कुमाऊँ मंडलायुक्त दीपक रावत पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। सोमवार को रामनगर के विभिन्न विकास कार्यों का जायजा लेने के बाद कमिश्नर ने रामनगर नगर पालिका परिषद का एक औचक और सरप्राइज निरीक्षण किया। इस औचक छापे के दौरान नगर पालिका के भीतर पसरी अराजकता, भारी वित्तीय व प्रशासनिक अनियमितताओं और नियमों की धज्जियां उड़ते देख मंडलायुक्त का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। कमिश्नर ने ताबड़तोड़ कड़े निर्देश देते हुए अधिशासी अधिकारी (EO) का वेतन रोकने, स्टोर कीपर के रिकॉर्ड की जाँच, तथा पशु बाजार में Animal Cruelty Act के तहत मुकदमा दर्ज करने के आदेश जारी कर दिए हैं।
बायोमेट्रिक अटेंडेंस न होने पर ईओ का वेतन रोकने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान जब मंडलायुक्त ने नगर पालिका में कर्मचारियों और पर्यावरण मित्रों की उपस्थिति का जायजा लिया, तो शासन के निर्देशों के बावजूद बायोमेट्रिक उपस्थिति (Biometric Attendance) की व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतरी मिली।
इस गंभीर लापरवाही पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कमिश्नर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जब तक सफाई कर्मियों और कर्मचारियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति पूरी तरह सुनिश्चित नहीं हो जाती, तब तक अधिशासी अधिकारी (EO) का वेतन रोका जाए। उन्होंने इस संबंध में उपजिलाधिकारी को तुरंत आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
स्टोर कीपर नहीं दिखा पाए सामान वितरण का रिकॉर्ड
नगर पालिका के स्टोर रूम का निरीक्षण करते समय स्थिति और भी ज्यादा चौंकाने वाली सामने आई। मंडलायुक्त ने जब स्टोर कीपर से विभिन्न सरकारी सामानों के वितरण से संबंधित अभिलेख और रजिस्टर मांगे, तो स्टोर कीपर कोई भी रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं कर सका।
सामग्री का हिसाब किताब गायब मिलने पर कमिश्नर ने कड़ी नाराजगी जताते हुए स्टॉक और वितरण से जुड़े समस्त अभिलेखों की उच्चस्तरीय जाँच कराने तथा तत्काल रिकॉर्ड को अद्यतन करने के निर्देश दिए। उन्होंने दो-टूक कहा कि सरकारी सामग्री के स्टॉक और वितरण का पूरा विवरण होना चाहिए, और कोताही बरतने वालों पर गाज गिरेगी।
पशु बाजार में मानकों की धज्जियां, Animal Cruelty Act में केस दर्ज
पशु बाजार के औचक निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक लापरवाही और अवैध गतिविधियों की हदें पार मिलीं। निरीक्षण में पिकअप वाहन (संख्या UK-19-CA-1719) में निर्धारित मानकों के विपरीत एक के स्थान पर तीन-तीन मवेशियों को ठूंसकर क्रूरतापूर्वक परिवहन किए जाने का मामला पकड़ा गया।
जांच में यह भी सामने आया कि उन पशुओं का कोई स्वास्थ्य परीक्षण नहीं कराया गया था और न ही परिवहन की कोई आवश्यक अनुमति ली गई थी।
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मंडलायुक्त ने तुरंत प्रभाव से इन मामलों में संबंधित प्रावधानों एवं Animal Cruelty Act के तहत नियमानुसार मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश प्रभारी अधिशासी अधिकारी को दिए।
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बाजार के ठेकेदार गिरीश चंद्र पंत द्वारा खरीद-फरोख्त का कोई रजिस्टर प्रस्तुत नहीं किया गया और न ही अपने स्टाफ के नाम व संपर्क नंबर उपलब्ध कराए जा सके।
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इन तमाम गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए कमिश्नर ने व्यवस्थाओं में सुधार होने तक 19 सितंबर से पशु बाजार को पूरी तरह बंद रखने के कड़े निर्देश दिए।
बंद पड़ी रोड क्लीनिंग मशीन और सफाई ठेकेदार पर चालान
निरीक्षण के दौरान नगर पालिका की रोड क्लीनिंग मशीन बंद पाई गई, जिस पर कमिश्नर ने गहरी असंतोष जताया और मशीनों का नियमित संचालन सुनिश्चित करने को कहा। कूड़ा निस्तारण में पारदर्शिता के लिए कांटे पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए।
साथ ही, सफाई कर्मियों के रहने के लिए समुचित व्यवस्था न होने पर उन्होंने लेबर इंस्पेक्टर को मौके पर बुलाकर सफाई ठेकेदार के विरुद्ध नियमानुसार चालान काटने के आदेश दिए।
मंडलायुक्त ने अंत में कहा कि नगर पालिका की कार्यप्रणाली बेहद लचर है, और इसकी नियमित मॉनिटरिंग जरूरी है। उन्होंने इन सभी विभिन्न अनियमितताओं की एक विस्तृत जाँच जिलाधिकारी से कराने के निर्देश दिए हैं ताकि दोषियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जा सके।
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